3 करोड़ 46 लाख 35 हजार 835 रूपये का बीमा क्लेम हुआ अवॉर्ड, 1478 लोगों को मिला लाभ,1200 प्रकरणों का हुआ निपटारा
सिंगरौली, मध्य प्रदेश। म.प्र. राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जबलपुर के निर्देशानुसार शनिवार, 14 दिसंबर को जिला एवं सत्र न्यायालय परिसर बैढ़न व देवसर-सरई में नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया गया। इस नेशनल लोक अदालत में पूर्व लंबित एवं लंबित प्रकरणों के 1478 लोगों को न्याय मिला। वहीं 3 करोड़ 46 लाख 35 हजार 835 रुपये का अवॉर्ड हुआ।
जानकारी के अनुसार शनिवार को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सिंगरौली द्वारा नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरूआत में प्रधान एवं जिला सत्र न्यायाधीश आरएन चन्द एवं न्यायाधीशगणों द्वारा मॉ सरस्वती जी की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम को प्रारंभ किया गया। तत्पश्चात पूर्व लंबित प्रकरणों के 4750 एवं लंबित प्रकरणों को 5594 खण्डपीठ के समक्ष रखा गया था।
लोक अदालत में इन प्रकरणों का हुआ निपटारा
पूर्व लंबित बैंक बकाया ऋण के 26, बिजली बिल 375, जल कर 41 सहित अन्य प्रकरण 415 सहित कुल 857 प्रकरणों का निराकरण हुआ। जिसमें कुल 1 करोड़ 93 लाख 8 हजार 540 रुपये के तहत समझौता हुआ और 1135 लोगों को फायदा भी हुआ। वहीं लंबित प्रकरणों के 5594 में से 343 प्रकरणों को निराकरण हुआ। जिसमें नगर पालिक निगम के 204, चेक बाउंस के 8, एमएसीटी केश के 22, बकाया बिजली बिल भुगतान के 59 सहित अन्य प्रकरणों के कुल 343 का निराकरण किया जाकर 2 करोड़ 36 लाख 97 हजार 295 रूपये का अवॉर्ड समझौता हुआ और इसमें 778 लोगों को फायदा मिला है। लंबित प्रकरणों में 343 का आपसी सुलह से निराकरण कराया गया। इस दौरान पति-पत्नी के बीच लम्बे अर्से से चल रहे विवाद का भी आपसी सुलह कराया गया और न्यायालय परिसर में ही दम्पत्ति फिर से एक साथ रहने के लिए खुशी-खुशी रजामन्द हो गये।
मृतक के परिजनों को 14.5 लाख रूपये का मिला क्लेम अवॉर्ड
प्रधान जिला न्यायाधीश श्री आरएन चन्द की कोर्ट में बीमा कंपनी का प्रकरण विचाराधीन था। जहां आज लोक अदालत में मृतक के आश्रित को क्लेम के लिए अवॉर्ड पारित हुआ। बीमा कंपनी की ओर से अधिवक्ता एके सिंह गहरवार ने सराहनीय पैरवी की। जानकारी के अनुसार 4 जून 2023 को प्रमोद कुमार जायसवाल अपनी पत्नी ममता जायसवाल एवं पुत्र रितिक कुमार को पिछे बैठाकर ग्राम मलगो जा रहा था कि माड़ा बाजार में ट्रक वाहन क्रमांक यूपी 64 एटी 4862 का चालक तेज रफ्तार से चालन कर प्रमोद कुमार की मोटरसाइकिल में ठोकर मार दिया था। जिससे ममता जायसवाल एवं रितिक कुमार की उक्त दुर्घटना में मृत्यु हो गयी थी। जिसका क्लेम प्रमोद कुमार द्वारा पत्नी एवं पुत्र की मृत्यु के लिए अलग-अलग किया गया था। जिसका समझौता 1200000 रूपये एवं 250000 रुपये कुल साढ़े 14 लाख रुपये में बीमा कम्पनी दि न्यू इण्डिया इ.क्र.लि. से हो गया है। आवेदक की ओर से पैरवी अधिवक्ता लालेराम सेन ने किया।
प्रकरणों का निराकरण इन न्यायाधीशगणों ने कराया
आरएल चन्द प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश, प्रिवेन्द्र कुमार सेन प्रधान न्यायाधीश कुटुम्ब न्यायालय बैढ़न, आत्माराम टांक जिला एवं अति. सत्र न्यायाधीश, विवेक कुमार पाठक, ङ्क जिला एवं अति सत्र न्यायाधीश, महेन्द्रपाल सिंह मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, नीरज पवैया ष्ट.छ्व. वरिष्ठ खण्ड, कृष्ण अग्रवाल ष्ट.छ्व. वरिष्ठ खण्ड, राजश्री भार्गव ष्ट.छ्व. कनिष्ठ खण्ड, प्रिन्सू मिश्रा ष्ट.छ्व. कनिष्ठ खण्ड, पुष्पेन्द्र भार्गव ष्ट.छ्व. कनिष्ठ खण्ड, सिमरन गुप्ता ष्ट.छ्व. कनिष्ठ खण्ड, दिनेश कुमार शर्मा ढ्ढङ्क जिला एवं अति. सत्र न्यायाधीश देवसर, सोनल चौरसिया ङ्क जिला एवं अति सत्र न्यायाधीश, विजय सोनकर ढ्ढढ्ढढ्ढ जिला एवं अति सत्र न्यायाधीश, विजय चौहान ढ्ढ जिला एवं अति सत्र न्यायाधीश, विष्णुकांत मिश्रा ष्ट.छ्व. वरिष्ठ खण्ड, अदिति तिवारी ष्ट.छ्व. कनिष्ठ खण्ड, अंकुर तिवारी ष्ट.छ्व. कनिष्ठ खण्ड, अनिल नामदेव ष्ट.छ्व. कनिष्ठ खण्ड, हर्षवर्धन राठौर ष्ट.छ्व. कनिष्ठ खण्ड सरई शामिल रहे।
