राज्यसभा सांसद अजय प्रताप सिंह ने 2008 से प्रस्तावित NH 39 (सीधी-सिंगरौली) पर पूछा था सवाल
National Desk, नई दिल्ली/सिंगरौली॰
गुरुवार को राज्यसभा की कार्यवाही के दौरान मध्य प्रदेश से BJP के राज्यसभा सांसद अजय प्रताप सिंह ने सदन में सीधी-सिंगरौली NH 39 के मुद्दे को उठाया और ज़ोर देकर कहा कि इस हाईवे का प्रोजेक्ट पिछले डेढ़ दशक में अब तक पूरा ही नहीं हो सका है। अपने प्रश्न में उन्होने कहा कि 2008 में इस प्रोजेक्ट को मंजूर किया गया था, लेकिन यह अब तक यह सड़क पूरी तरह नहीं बन सकी है। तब केन्द्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने मुसकुराते हुए कहा कि यह मामला बहुत गंभीर है। श्री गडकरी ने मध्य प्रदेश में सीधी- सिंगरौली और दूसरी मुंबई-गोवा NH को लेकर कहा कि पूरे देश में यही दो प्रोजेक्ट हैं जिन्हें समय से पूरा नहीं किया जा सका। उन्होंने बड़ी गंभीरता से जब यह कहा कि इन हाईवे पर आ रही परेशानियों पर पूरी किताब लिखी जा सकती है। एक बार कोशिश कर के तो देखें। तब समूचा सदन ठहाकों से भर गया।
केन्द्रीय मंत्री नितिन गड़करी ने जवाब देते हुए कहा कि देश में यह सड़क क्यों पूरी नहीं हो पा रही इस पर चिंतन-मंथन की जरुरत है। उन्होने इससे संबंधित समस्याओं को सिलसिलेवार गिनाया और अत्यंत दुखद बताया।
MP राज्यसभा अजय प्रताप ने कहा-
राज्य सभा सांसद अजय प्रताप ने सदन में कहा कि मध्यप्रदेश की सीधी-सिंगरौली एनएच 39 की हालत बेहद खराब है। इसको 2008 में स्वीकृति मिली थी और टेंडर में इस सड़क के निर्माण की डेडलाइन 2014 थी जो बहुत पहले ही खत्म हो चुकी है। इस राजमार्ग के खस्ता हालत को लेकर पूर्व में भी केन्द्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी जी नाराजगी जता चुके हैं।
श्री गडकरी ने परेशानियों का किया उल्लेख:
उन्होंने कहा कि इस प्रोजेक्ट को 2008 में मंजूर किया गया था, लेकिन 15 साल बीतने के बाद भी यह अब भी नहीं बन पाया। इसका मुझे कारण बताया गया है कि भूमि अधिग्रहण नहीं हो पाया है। तब संसद अजय प्रताप ने सप्लिमेंट्री प्रश्न पूछा कि क्या भूमि अधिग्रहण में हुई देरी के लिए राज्य सरकार को लिखा जाएगा और इसके लिए प्रदेश के अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाएगी? जवाब में केन्द्रीय मंत्री गडकरी ने कहा कि इसका काम 2013 में प्राथमिकता के आधार पर गैमन इंडिया को दिया गया था, लेकिन कई समस्याओं के चलते कंपनी काम नहीं कर सकी। बाद में कंपनी को टर्मिनेट कर दिया गया।
दिसंबर तक काम पूरा करने का प्रयास- गडकरी
केंद्रीय मंत्री गडकरी ने कहा कि 530 करोड़ की लागत से 105 किलोमीटर लंबे इस NH के लिए फिर से टेंडर निकालकर काम शुरू किया गया है। हमारी कोशिश है कि इसे दिसंबर तक पूरा कर लिया जाए, अगर फिर से कोई नई परेशानी न खड़ी हो तो। मंत्री ने कहा कि देश में 2 प्रोजेक्ट की निगरानी वे खुद कर रहे हैं, क्योंकि यह दोनों अटके हुए हैं। इनके सर्विस लेन और हाईवे के लिए जमीन अधिग्रहण का काम अभी भी बचा हुआ है। उन्होंने दबी ज़बान प्रदेश के नेताओं पर कटाक्ष भी किया।
लिखी जा सकती है पूरी किताब:
नितिन गडकरी के जवाब के बाद सांसद के पास जब कुछ भी कहने के लिए नहीं बचा तो उन्होंने कहा कि वे जवाब से संतुष्ट हैं। सांसद अजय प्रताप सिंह ने कहा कि आपके काम की पूरे देश में तारीफ होती है। लेकिन क्षेत्र के लोग अक्सर पूछते हैं कि आखिर सीधी-सिंगरौली मामले ही में उन्हें क्या हो जाता है। जवाब में मंत्री ने कहा कि देश में सीधी-सिंगरौली और मुंबई-गोवा इन दोनों हाईवे पर तो पूरी किताब लिखी जा सकती है।
Singrauli-Prayagraj HIGHWAY पर क्या बोले नितिन गडकरी-
राज्यसभा में गुरुवार को BJP सांसद अरुण सिंह द्वारा सिंगरौली-प्रयागराज प्रस्तावित हाइवे के बारे में पूछे गए प्रश्न के उत्तर में श्री गडकरी कहा कि अभी सागरमाला परियोजनाओं के लिए भी बजट प्रस्ताव नहीं हुआ है। इस प्रोजेक्ट को बजट स्वीकृति के बाद प्रारम्भ किया जा सकता है। उन्होने कहा कि अभी तो इस हाइवे का नंबर भी तय नहीं किया जा सका है, नंबर तय होने के बाद कार्रवाई आगे बढ़ेगी।
