आज का संदेश, Shared by Swami Dayanand Sharma.

          अपने कष्टों के लिए,अपनी हानि के लिए किसी और को दोषी मानकर उससे बदला लेने की भावना के बजाय अपनी ऊर्जा को पुनः अपने उद्देश्य में लगायें। जो खो गया है वह तो लौटकर नहीं आ सकता पर अपने पुरुषार्थ से उससे भी अधिक प्राप्त किया जा सकता है। 

        अतीत की कड़वी सच्चाइयों से सीखने का प्रयास करें। जीवन से जो चला गया है उसका गम मनाने की बजाय जो बचा हुआ है,उसे सँभालने का प्रयास करें। कुछ नईं योजनायें बनाकर, नईं आशाओं के साथ फिर कर्म के रण में उतर जाएँ।

          अपने पुराने दुःखों से, अतीत की बुरी स्मृतियों से जब तक आप मुक्त ना होंगे तब तक भविष्य का सुनहरा कल आपका आलिंगन कैसे करेगा ? अफसोस करने की अपेक्षा मेहनत करना सदैव अधिक श्रेष्ठ फल प्रदायक होता है।

सुरपति दास
इस्कॉन

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