?️?? ॥आज का भगवद् चिन्तन॥ ???️

जीवन में सदैव सत्य के साथ चलें, वक्त के साथ नहीं। जो अपने निजी स्वार्थों की परवाह किए बिना सत्य के साथ चलने का साहस जुटा पाते हैं, एक दिन वक्त भी उनके साथ चलने लग जाता है। सत्य तो यही है कि सत्य के मार्ग पर चलने वालों की मुट्ठी में ही वक्त भी होता है।

वक्त के साथ चलना आसान है किंतु सत्य के साथ चलना बहुत कठिन। वक्त के साथ चलने वाले वक्त आने पर भुला दिए जाते हैं पर सत्य के साथ चलने वाले अपने कृत्यों से अपने आप को अमर कर जाते हैं। साहस के बिना सत्य के साथ नहीं चला जा सकता है । जो साहसी है वही सत्य के पथ का पथिक भी है।

वक्त के साथ चल पड़ना अपने विवेक का उपयोग किए बिना भीड़ का हिस्सा बनना है। लहरों के प्रबल वेग में तो निष्प्राण देह भी गति कर जाती है। भुजाओं के बल का मापक तो यही है, कि धाराओं के विपरीत गति करते हुए लक्ष्य तक पहुँचा जाए।

सत्य को चाहें, सत्य पर चलें, परम सत्य तक पहुँच जाएंगे।

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