?️??? शुभ शुक्रवार ????️
आज का संदेश
साझाकर्ता: स्वामी दयानंद शर्मा, NPG Media.
संसार में लोगों ने बहुत सा धन कमाया। किसी ने ईमानदारी से कमाया, और किसी ने बेईमानी से, छल से, बल से, लूटमार इत्यादि से। चाहे किसी ने धन ईमानदारी से कमाया हो, चाहे लूटमार और बेईमानी से। परंतु क्या किसी की भी धन से तृप्ति हो पाई? नहीं धन संपत्ति आदि साधनों से आज तक किसी की भी तृप्ति नहीं हुई। उसकी इच्छाएं शांत नहीं हुई।
शास्त्रों में तो यहां तक भी लिखा है, कि लोभी व्यक्ति की एक इच्छा पूरी होने के बाद तत्काल दूसरी इच्छा उसे दुख देने लगती है और ये इच्छाएं सदा बढ़ती ही जाती हैं, कभी भी पूरी नहीं होती।
जहां स्वार्थ है वहां इच्छा है एवं जहां परमार्थ है वहां भावना है। सड़े हुए बीज से खेतों में फसल नहीं लहलहाती, उसी तरह बिना भाव से की हुई भक्ति का उचित फल नहीं मिलता है। पुण्यवान एवं गुणवान दोनों में अंतर है। बिना गुण के भी पुण्य उदय व्यक्ति "उच्च पद" पर पहुंच सकता है एवं गुणी व्यक्ति उनकी सेवा में रहता है।पुण्यवान एवं गुणवान दोनों में अंतर है। बिना गुण के भी पुण्य उदय व्यक्ति "उच्च पद" पर पहुंच सकता है एवं गुणी व्यक्ति उनकी सेवा में रहता है।
हम आपके मंगलमय दिन और सुखमय जीवन की हार्दिक कामना करते हैं! ????
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