?समाचार डेस्क (NPG MEDIA), रीवा, मध्य प्रदेश.
देर रात शॉर्ट सर्किट से निकली चिंगारी ने देखते ही देखते ज्वाला का भयानक रूप ले लिया। इस अप्रत्याशित घटना में cold storage के अलावा वहां खड़ी गाड़ियों तथा पड़ोस के एक प्रिंटिंग प्रेस को भी राख कर दिया। घटना मध्यप्रदेश के रीवा की है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, सिविल लाइन थाना क्षेत्र में स्थित नगर का सबसे पुराना और बड़ा भगवान शीत भंडार कोल्ड स्टोरेज में मंगल व बुधवार की दरम्यानी रात अचानक आग भड़क गई। आग ने भयानक रूप धारण कर लिया और उसकी लपटें आसपास के घरों तक जा रही थीं। आगजनी की घटना से क्षेत्रवासी जाग गए, वहां हड़कंप मच गया। स्थानीय लोग घरों से निकल बाहर की ओर भागने लगे। घटना की सूचना पर सीएसपी अन्य पुलिस कर्मी के साथ घटनास्थल पहुंचे। इसी बीच 4 अग्निशामक गाड़ियों के साथ fire fighters की टीम भी मौके पर पहुंची। दमकल कर्मियो द्वारा घंटो की कड़ी मशक्कत के बाद सुबह तक आग पर काबू पाया जा सका। आग लगने का कारण प्रथम दृष्टया शार्ट सर्किट बताया जा रहा है। अनुमान लागाया जा रहा है कि लगभग 1 करोड़ से ज्यादा का नुकसान हुआ है।
रीवा के सिविल लाइन थाना क्षेत्र स्थित भगवान शीत भंडार में लगी भीषण आग से करोड़ों रुपए का सामान जलकर खाक हो गया। शीत भंडार के संचालक विजय पाल सिंह व अनलपाल सिंह तथा स्थानीय लोगों को रात लगभग डेढ़ बजे इसका पता चला। तब तक भीषण हो चुकी अग्नि के कारण वहां हड़कंप मच गया, लोग इधर उधर भागने लगे।
पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम ने 4 दमकल गाड़ियों की सहायता और कड़ी मशक्कत के बाद बुधवार को सुबह तक आग पर काबू पाया गया। आगजनी की घटना में कोई जनहानि तो नहीं हुई लेकिन वहां पर रखे फल सब्जी, कई मोटर साइकिलें, प्रिंटिंग प्रेस फ्लैक्स, क्रशर का एक कार्यालय, ऑटो पार्ट्स की एक दुकान पूरी तरह जलकर खाक हो गए। जिसमें लगभग एक करोड़ से ज्यादा का नुकसान होने की आशंका जताई जा रही है। वहीं पुलिस अब आगजनी के कारणों का पता लगाने का प्रयास कर रही है.
देर रात हुई भीषण आगजनी की घटना में भगवान शीत भंडार की 50 साल पुरानी बिल्डिंग सहित विद्या आर्ट्स प्रिंटिंग प्रेस, टेंट हाउस, क्रेशर कार्यलाय, ऑटो पार्ट्स की दुकान, विनोद फूड कम्पनी की दुकान, ऑटो पार्ट्स की दुकान, लाखों रुपए के स्टोरेज किए गए केले, आइसक्रीम और बर्फ फैक्ट्री, सहित वहां पर खड़ी कई मोटर साइकिलें और अन्य समाग्री जलकर पूरी तरह से खाक हो गई। लगभग एक करोड़ से अधिक के क्षति का अनुमान लगाया गया है।
