? सितंबर में थाने में दर्ज हुई थी युवक की गुमशुदगी की रिपोर्ट
Newspost, Regional Desk, Singrauli, MP.
तीन माह पहले जिस युवक की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज की गई थी, वह मिला भी तो ऐसे जो कल्पना से परे है। मोरवा थाने की पुलिस ने क्षेत्र के खिरवा निवासी धर्मजीत सिंह गोड़ के पुत्र राहुल सिंह गोड़ का कंकाल मंगलवार की सुबह चमरखोह के जंगल से बरामद किया। अब यह रपट बंद कर दी जाएगी। लेकिन एक प्रश्न सहज ही खड़ा होता है कि रिपोर्ट लिखे जाने के बाद पुलिस ने उसे ढूंढ़ने के लिए क्या किया? थाना क्षेत्र के ही जंगल में एक शव गत 3 माह से पड़ा रहा और उसकी जानकारी पुलिस को पहले क्यों नहीं मिल सकी ? उसके परिजनों को अचानक यह जानकारी शव को कंकाल बनने के बाद ही क्यों मिली ? क्या मृतक के मानसिक रूप से अस्वस्थ होने के कोई मेडिकल साक्ष्य हैं ? आदि.. आदि अनुत्तरित सवालों के घेरे में यह प्रकरण नहीं है?

बहरहाल प्राप्त जानकारी के अनुसार धर्मजीत सिंह गोंड़ की चचेरी बहन सुनीता सिंह गोड़ मंगलवार की सुबह चमरखोह के जंगल में लकड़ी बीनने गई थी, वहां उसने एक कंकाल पड़ा देखा, जिसके पास में ही उसके कपड़े पड़े थे। महिला ने कपड़ों से पहचाना कि वह कंकाल लापता राहुल का था। उसने इसकी सूचना धर्मजीत सिंह गोड़ को दी और धर्मजीत ने थाने में इस बाबत सूचित किया।
नर कंकाल मिलने की घटना को गंभीरता से लेते हुए एसडीओपी के के पांडेय के निर्देशन में नगर निरीक्षक अशोक सिंह परिहार ने गोरबी चौकी प्रभारी उप निरीक्षक विनय शुक्ला को मय पुलिस बल घटनास्थल पर भेजा। दुर्गम क्षेत्र में पड़े नर कंकाल व घटनास्थल की सूक्ष्म स्तर से जांच करने के बाद पुलिस ने पंचनामा तैयार कर कंकाल को पोस्टमार्टम हेतु भिजवाया।
विदित हो कि राहुल सिंह गोंड़ के मामले में मोरवा पुलिस ने सितंबर माह में गुम इंसान क्रमांक 57/23 कायम किया था। मृतक के घर वालों की मानें तो राहुल सिंह गोड़ की करीब 1 वर्ष पूर्व मोटरसाइकिल चलाते समय दुर्घटना हुई थी, जिसके उसके सिर पर चोट लगी। उस घटना से उसका मानसिक संतुलन ठीक नहीं रहता था। पुलिस ने यह कयास लगाया है कि शायद वह युवक विक्षिप्त स्थिति में दुर्गम स्थान में जाकर फांसी लगा लिया। आश्चर्य इस बात पर भी है कि घर वालों को राहुल की मौत पर कोई संदेह नहीं है। फिर भी मोरवा पुलिस ने इस घटना में मर्ग क्रमांक 93/23 धारा 174 जा. फौ. कायम कर विवेचना में लिया है।
