श्री मरांडी जून माह में आए थे सिंगरौली, प्रवास पर जिलाध्यक्ष भाजपा रामसुमिरन गुप्ता ने समस्याओं से कराया था अवगत, उनके पत्र को मूलतः आपके लिये साझा किया जा रहा है__

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माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के तेज वृद्धि दर के साथ भारतीय अर्थव्यवस्था को विश्व की तीसरी बड़ी अर्थव्यवस्था बनाने के संकल्प को पूरा करने में भारतीय रेल अग्रणी भूमिका में है। इसी निमित्त आपके कुशल नेतृत्व में भारतीय रेल द्वारा औद्योगिक व कृषि उत्पादों तथा खनिज संपदा के परिवहन, जन अपेक्षाओं के अनुरुप यात्री गाड़ियों का परिचालन, रेल के बूनियादी ढांचे के उन्नयन/सम्वर्द्धन और लोक कल्याणकारी रेल परियोजनाओं का सफल कार्यान्वयन किया जा रहा है।

महोदय, विगत जून महीने में भारतीय जनता पार्टी के महाजनसम्पर्क अभियान कार्यक्रम के तहत मैं मध्यप्रदेश के सिंगरौली (सीधी लोकसभा) के प्रवास में था । पार्टी कार्यकर्ताओं/समर्थकों व स्थानीय लोगों के संवाद के क्रम में सिंगरौली प्रक्षेत्र की रेल से सम्बन्धित प्राप्त जानकारी आपको साझा कर रहा हूँ। ज्ञातव्य हो कि वित्त वर्ष 2020-21 में 133.63 मिलियन टन व 2021-22 में 142.76 मिलियन टन माल ढुलाई के मुकाबले वित्त वर्ष 2022-23 में 171.32 मिलियन टन माल ढुलाई कर धनबाद मंडल ने 23006 करोड़ रुपए का राजस्व भारतीय रेल के लिए अर्जित कर एक कीर्तिमान स्थापित किया है। धनबाद मंडल अन्तर्गत सिंगरौली प्रक्षेत्र का रेल के राजस्व संग्रहण में उल्लेखनीय योगदान रहता है। ऊर्जा संकट के समय तापीय बिजली घरों को समय पर कोयला आपूर्ति करने में इस क्षेत्र के खदानों की उपयोगिता सिद्ध हुई है। मेरे इस विचार से आप सहमत होंगे कि रेलवे को प्रतिवर्ष करोड़ो रुपए राजस्व प्रदान करने के बावजूद सिंगरौली क्षेत्र में रेल की मूलभूत सुविधाओं का सर्वथा अभाव है। मोदी सरकार के विकास की क्षेत्रीय विषमता को दूर करने की वचनबद्धता और जनाकांक्षाओं के अनुरुप रेल सुविधाओं के विस्तार के निमित्त निम्नलिखित सुझाव कारगर हो सकते हैं –

  1. सिंगरौली में जिला मुख्यालय के साथ-साथ नेशनल थर्मल पावर कॉरपोरेशन लि., नॉर्दन कोलफिल्डस लिमिटेड, हिंडाल्को के अतिरिक्त कई निजी विद्युत उत्पादक व औद्योगिक इकाईयां हैं। इन कंपनियों के श्रमजीवियों, व्यवसायियों, उद्यमियों, कृषकों, छात्रों सहित अन्य यात्रियों का देश के अन्य भागों में आवागमन होता है। सीधी रेल सेवा के अभाव में यात्रियों को दूरस्थ जबलपुर या वाराणसी जाना पड़ता है जो सुगम कतई नहीं है। दो प्रमुख शहरों- जबलपुर-हावड़ा के बीच चलने वाली शक्तिपुंज एक्सप्रेस (11447-11448) सहित सिंगरौली होकर चलनेवाली यात्री ट्रेनें विलम्ब से चलती है जिससे गंतव्य तक पहुंचने में कठिनाई होती है। भोपाल-सिंगरौली सुपरफास्ट (22165/22166) और ह.निजामुद्दीन-सिंगरौली सुपरफास्ट के दैनिक परिचालन की मांग पर विचार किए जाने से सिंगरौली को देश और राज्य की राजधानी आवागमन की प्रतिदिन सीधी रेल सेवा मिल सकेगी।
  2. ऊर्जादायी सिंगरौली प्रक्षेत्र में कोई बड़ा रेलवे स्टेशन नहीं है । वर्तमान रेलवे स्टेशन में सुविधायुक्त प्रतिक्षालय, कैफेटेरिया/कैंटीन, शौचालय, स्वचालित सीढ़ी, आपातकालीन मेडिकल सुविधा, शॉपिंग एरिया, फ्री वाई-फाई, दिव्यांग/वृद्धजनों के लिए सुविधा, वाहन पार्किंग जैसी सुविधाओं का सर्वथा अभाव है । सिंगरौली रेलवे स्टेशन को विश्वस्तरीय बनाने के लम्बित प्रस्ताव पर तुरंत पहल किए जाने की आवश्यकता है ताकि इस स्टेशन के आधारभूत सुविधाओं/संरचनाओं का तत्काल उन्नयन/सम्वर्द्धन से उपभोक्ताओं को परिष्कृत रेल सुविधा मुहैया हो सके ।
  3. यह बहुत ही संतोषजनक है कि सिंगरौली क्षेत्र में विभिन्न रेल परियोजनाओं और आधारभूत संरचनाओं के आधुनिकीकरण/उन्नयन का कार्य द्रुत गति से प्रगति पर है । सिंगरौली-शक्तिनगर-चोपन-रेणुकुट रेल मार्ग के दोहरीकरण का कार्य निर्धारित समय पर ही पूर्ण हो यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए । इसीतरह ललितपुर-सिगरौली रेल लाईन, रेल ओवर ब्रिज और टनल निर्माण में तेजी लाए जाने की आवश्यकता है ताकि लक्ष्य वर्ष में ही रेल परिचालन सुनिश्चित किया जा सके।

आशा है, आप उपरोक्त वर्णित विषय पर गंभीरतापूर्वक विचार कर क्षेत्र की जनता को अपेक्षाओं के अनुरुप सुदृढ़ रेल सुविधा मिले इस निमित उचित कदम उठाएँगे।

सादर,

भवदीय,

बाबू लाल मरांडी

श्री अश्विनी वैष्णव जी,

रेल मंत्री, भारत सरकार

नई दिल्ली

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