कोल इंडिया ने नाम भी बदलकर सीआईएल एनर्जी इंडिया (CIL Energy) रखने का फैसला किया है। इससे कंपनी की भावी कारोबारी योजना की झलक मिलेगी, जो कोयला खनन के अलावा अन्य क्षेत्रों में भी जाना चाहती है।

एक वरिष्ठ अधिकारी का कहना है, ‘कोल इंडिया अपना कारोबार दुर्लभ खनिजों (Rare Minerals) के खनन, कोयले के गैसीकरण (Gasification), कार्बन कैप्चर (Carbon Capture), हरित हाइड्रोजन (Green Hydrogen) और नवीकरणीय ऊर्जा (Renewable Energy) जैसे क्षेत्रों में फैलाना चाहती है। उसके कारोबारी भविष्य को सुरक्षित करने के लिए जरूरी है कि ब्रांड की पहचान भी केवल कोयले तक सीमित न रहे.

नाम बदलने पर अभी हो रहा है विचार 

मंत्रालय के सूत्रों ने बताया कि रीब्रांडिंग और नाम बदलने पर अभी विचार चल रहा है और कोल इंडिया के निदेशक मंडल जल्द ही इस पर कोई फैसला लेगा। अधिकारी ने जोर देकर कहा कि कंपनी अपनी भावी कारोबारी योजनाओं को देश में ऊर्जा परिवर्तन की कार्य योजना के साथ जोड़ना चाहती है।

भारत ने आगामी दशकों में शून्य कार्बन उत्सर्जन का लक्ष्य निर्धारित किया है मगर कोयले का उपयोग बंद करने की समय सीमा अभी तय नहीं की गई है। हाल में भारत की अध्यक्षता में जी 20 की ऊर्जा परिवर्तन पर आयोजित मंत्रिस्तरीय बैठक में भाग लेने वाले देशों में जीवाश्म ईंधन का अंधाधुंध इस्तेमाल बंद करने पर आम सहमति नहीं बन पाई। इसके बजाय जीवाश्म ईंधन से उत्सर्जन कम करने के तरीकों पर चर्चा की गई।

प्रबंधन सूत्रों का कहना है कि, कोयला भले ही मुख्य कारोबार बना रहेगा, लेकिन कंपनी को भविष्य के दृष्टिगत अपनी नीति तैयार करनी होगी। इन नए क्षेत्रों में विस्तार के लिए कंपनी को भारी पूंजी की जरूरत होगी। ऐसे में जो कंपनी केवल जीवाश्म ईंधन (Fossil Fuel) से जुड़ी हो उसे संभवतः विदेश से पर्यावरणीय कारण से रकम मिलने में कठिनाई होगी।’

ऑस्ट्रेलिया की प्रमुख खनन कंपनी ने भी बदला था अपना नाम

AUSTRALIA की प्रमुख खनन कंपनी BHP ने ही अपना नाम बदला और 2017 में ‘थिंक बिग’ के स्लोगन के साथ 1 करोड़ डॉलर का अभियान शुरू किया था। दुनिया की इस सबसे बड़ी खनन कंपनी ने अपने नाम से बिलिटन हटा दिया था।

भारत में NTPC ने भी अपनी रीब्रांडिंग की और हरित ऊर्जा (Green Energy) स्रोतों में निवेश करते समय अपना पुराना नाम नैशनल थर्मल पावर कॉरपोरेशन (National Thermal Power Corporation) त्याग दिया है। नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा पर ध्यान केंद्रित करने के लिए उसने अलग कंपनी एनटीपीसी ग्रीन एनर्जी (NTPC Green Energy) भी बनाई है। पीएफसी (PFC), आरईसी (REC) और एसजेवीएन (SJVN) जैसी कई दूसरी कंपनियों ने भी अपने मुख्य कारोबार से हटकर दूसरे क्षेत्रों में भी जाने के लिए अपने नाम छोटे किए हैं।

4 thoughts on “new name: कोल इंडिआ ने बदली अपनी पहचान”
  1. यही दूरदर्शिता है।इसे सही तरीके से यदि लागू किया गया तो कम्पनी के साथ साथ देशका अच्छा खासा भला होगा। कम्पनी एवं मंत्रालय के दूरदर्शी अधिकारियों को बहुत बहुत बधाई एवं सफलता हेतु शुभ कामना धन्यवाद।

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