International Mother’s Day: आज दुनिया के देशों में मातृ दिवस भी मनाया जा रहा है. जिन्होंने हमें जन्म दिया, इस धरती के योग्य बनाया, सृष्टि को सजाया, उन सभी माताओं को बारंबार प्रणाम 🙏
Newspost, Editorial Desk. Dayanand Sharma.
भारत में वैज्ञानिकों के योगदानों के सम्मान में हर वर्ष 11 मई को “राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस” मनाया जाता है। भारत विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में निरंतर प्रगति करता आ रहा है। हमारे वैज्ञानिकों और इंजीनियरों की मेहनत और लगन ने देश को वैश्विक स्तर पर सम्मान दिलाया है। यह दिन भारत की तकनीकी शक्ति और वैज्ञानिक उन्नति का प्रतीक है।
इतिहास और महत्व:
11 मई 1998 को भारत ने राजस्थान के पोखरण में परमाणु परीक्षण (पोखरण-II) सफलता पूर्वक किया था। इस परीक्षण ने भारत को परमाणु शक्ति संपन्न देशों की श्रेणी में खड़ा कर दिया। इसी दिन भारत द्वारा विकसित हंसा-3 विमान की पहली उड़ान और त्रिशूल मिसाइल का सफल परीक्षण भी हुआ था। इन तीनों उपलब्धियों के चलते भारत सरकार ने 11 मई को राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस घोषित किया।
उद्देश्य:
इस दिन का मुख्य उद्देश्य वैज्ञानिकों, अनुसंधानकर्ताओं और इंजीनियरों के योगदान को पहचान देना और विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के प्रति युवाओं में जागरुकता बढ़ाना है। यह दिन हमें आत्मनिर्भर भारत की दिशा में तकनीकी विकास की आवश्यकता का भी स्मरण कराता है।
आयोजन:
इस दिन विभिन्न संस्थानों में विज्ञान मेलों, प्रदर्शनी, व्याख्यानों और सेमिनारों का आयोजन किया जाता है। विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रालय तथा टेक्नोलॉजी डेवलपमेंट बोर्ड (TDB) द्वारा विशिष्ट वैज्ञानिकों को सम्मानित भी किया जाता है।
निष्कर्ष:
राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस न केवल एक ऐतिहासिक उपलब्धि की याद दिलाता है, बल्कि यह वैज्ञानिक सोच को प्रोत्साहन देने का भी अवसर है। हमें गर्व होना चाहिए कि भारत आज विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में अग्रणी देशों की कतार में खड़ा है। इस दिन से हमें प्रेरणा लेकर देश को और अधिक सशक्त एवं आत्मनिर्भर बनाने का संकल्प लेना चाहिए।
