भाजपा की अंतिम सूची से गायब हुआ सिंगरौली के तीनों विधायकों का नाम
सिंगरौली से रामनिवास शाह, देवसर से पूर्व विधायक राजेन्द्र मेश्राम व चितरंगी से राधा सिंह को मैदान में उतारा
Newspost, Editor’s Pen ✒️ @RohitGupta
विधानसभा चुनाव 2023 के लिए भारतीय जनता पार्टी की सीईसी द्वारा दिल्ली कार्यालय से जारी प्रत्याशियों की अंतिम सूची आने के बाद राजनीति के गलियारे में गरमाहट बढ़ गई है। पार्टी के वर्तमान विधायकों की कसमसाहट, निराश दावेदारों की हताशा और उनके समर्थकों के क्रियाकलाप मतदान को कितना प्रभावित करेंगे, यह आने वाला समय ही बताएगा।
पार्टी ने किया नया प्रयोग-
सिंगरौली की सभी तीनों सीटों- सिंगरौली, देवसर व चितरंगी के सिटिंग विधायकों रामलल्लू बैस, सुभाष वर्मा एवं अमर सिंह की छुट्टी कर सिंगरौली विधानसभा क्षेत्र- 80 से पूर्व जिलाध्यक्ष रामनिवास शाह, 78- देवसर से पूर्व विधायक राजेन्द्र मेश्राम व 79- चितरंगी से पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष राधा सिंह को पार्टी ने टिकट और सिंबल सौंपकर नया प्रयोग किया है।
बगावत व भितरघात के आसार-
सिंगरौली की तीनों विधानसभा सीटों पर प्रत्याशी परिवर्तन ने मतदाताओं के साथ ही पार्टी कार्यकर्ताओं को भी चौंका दिया है। आम जनमानस में विद्युत गति से उम्मीदवारों की जानकारी फैलते ही चर्चाओं और विमर्श का दौर चल पड़ा है। दूसरी ओर बगावत और भितरघात की संभावना भी बलवती हो गई है।
मत विभाजन की प्रबल संभावना-
सिंगरौली से कांग्रेस ने पूर्व महापौर और पार्टी के लिए पुराना चेहरा रेनू शाह और चितरंगी विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस ने पूर्व सांसद मानिक सिंह को पहले ही उतार दिया था। ऐसे में रेनू शाह के सामने रामनिवास शाह एवं मानिक सिंह के सामने बीजेपी ने राधा सिंह को कैंडिडेट के रूप में उतारा है। दोनों जगह कांग्रेस व भाजपा के प्रत्याशियों का संबंध एक ही समाज से है और दोनों पक्षों के नेताओं की उनके समाज में पैठ है।
मतदान प्रतिशत भी हो सकता है प्रभावित-
उनका समाज इन विधानसभा क्षेत्रों में महत्वपूर्ण निर्णायक भूमिका निभाने की स्थिति में भी है। इन कारणों से मत विभाजन की प्रबल संभावना भी बन गई है। इससे यह भी कयास लगाया जा सकता है कि इन सीटों पर कठिन लड़ाई होगी और हार जीत का अंतर बहुत कम हो सकता है। दूसरी ओर सिंगरौली से वर्तमान व सीनियर विधायक रामलल्लू बैस व देवसर से विधायक सुभाष वर्मा इन दोनों विधायकों का पार्टी एवं चुनाव को लेकर क्या स्टैंड रहता है। इसका मतदान प्रतिशत पर भी असर पड़ सकता है।
दल बदल भी कर सकते हैं दावेदार ?
शनिवार, 21 अक्टूबर से नामांकन हेतु अधिसूचना जारी हो गई है। लेकिन, पिछले नगर निगम के चुनाव में उभरी आप ने अब तक सिंगरौली व देवसर की सीट को खाली रखा है। इधर बीच शासकीय कार्यक्रमों के बीच घटी आपसी दूरियों के आलोक में जानकार आम आदमी पार्टी के टिकट से भी अखाड़े में उतर सकते हैं। हालांकि यह कोरा कयास भी हो सकता है।
…(क्रमशः_)
