विधायक बैस ने कांग्रेसी नेताओं पर साधा निशाना, सोशल मीडिया में कांग्रेस के नेताओं को बेनकाब करने में जुटे भाजपाई
News Desk, सिंगरौली/सीधी.
वरिष्ठ विधायक रामलल्लू बैस ने अपने पुत्र विवेकानंद बैस के कृत्य पर दुख व्यक्त किया है। वहीं जिन कांग्रेसियों से अच्छे संबध रहे उन्हीं के द्वारा लगाये जा रहे तरह-तरह के आरोप-प्रत्यारोप से आहत विधायक ने पहली बार कांग्रेस नेताओं पर निशाना साधा है। पिछले दिनों हुई मारपीट व गोली चलने की घटना में विधायक के पुत्र विवेक को आरोपी बनाने की घटना के सिंगरौली विधायक रामलल्लू बैस ने दुख व्यक्त करते हुए सोशल मीडिया में अपना वीडियो संदेश जारी किया। साथ ही प्रशासन एवं पुलिस को स्वतंत्र रूप से कार्य करने के लिए अपील भी किया।
विधायक ने अपने राजनैतिक जीवन के सफर में पहली बार खुलकर कांग्रेसी नेताओं के विरुद्ध निशाना साधा है। जिला कांग्रेस कमेटी शहर के अध्यक्ष अरविन्द सिंह चंदेल को निशाने पर लेते हुए स्व.विधायक रामचरित्र के साथ की गयी मारपीट की घटना का जिक्र किया और कांग्रेस नेता को नसीहत भी दिया। हालांकि विधायक इसके पहले किसी पर व्यक्तिगत तौर पर या किसी भी दल के नेता का नाम लेकर निशाना नहीं साधते थे।
इतना ही नहीं अजय सिंह राहुल को भी निशाने पर लिया और पूर्व सांसद मानिक सिंह ने कांग्रेस पार्टी से सांसद रहते इस्तीफा क्यों दिया था इस पर भी सवाल दागा। वहीं विधानसभा कार्यकर्ता सम्मेलन में डीजल चोरी के मामले में प्रमोद चौहान के नाम पर भी बीजेपी के कार्यकर्ता हमलावर हुए और कहा कि जिस नेता का भाई डीजल चोर है उसके ऊपर यूपी में मामला भी दर्ज है। विधायक ने कहा कि रामचरित्र जी अनुसूचित जाति और मानिक सिंह अजजा श्रेणी में क्या नहीं आते।
विधायक ने एक के बाद एक कई कांग्रेस नेताओं पर सवाल दागा। इधर सोशल मीडिया में कांग्रेस पार्टी के कथित नेताओं के पूर्व में की गयी क्रियाकलापों की खबरें सोशल मीडिया में खूब वायरल कर उनके कृत्यों को ताजा कर रहे हैं।
शिवराज सिंह मरी हुई व्यवस्था के मुखिया बन कर रह गये हैं: राहुल

पूर्व नेता अजय सिंह राहुल ने कहा है कि सिंगरौली में भाजपा विधायक रामलल्लू बैस के पुत्र द्वारा मोरबा में एक आदिवासी युवक को गोली मारने की घटना दर्शाती है कि आदिवासियों और दलितों के प्रति भाजपा सरकार लगातार वहशी होती जा रही है। प्रदेश में हो रही घटनाएं भाजपा के वहशीपन का प्रमाण है।
उन्होंने पूछा कि किसके इशारे पर पुलिस अपराधी को गिरफ्तार नहीं कर रही है? पुलिस को निडर होकर विधायक पुत्र को गिरफ्तार करना चाहिए।
अजय सिंह ने कहा कि मैने पहले भी कहा था कि मुख्यमंत्री शिवराजसिंह की उदासीनता के कारण विन्ध्य अपराधों का टापू बनता जा रहा है। पूरा मध्यप्रदेश आदिवासियों और दलितों पर होने वाले अत्याचारों का गढ़ बन गया है। शिवराज सिंह चौहान एक डरी और मरी हुई व्यवस्था के ऐसे मुखिया बनकर रह गये हैं जो पूरे प्रदेश को दीमक की तरह चाट रहे हैं। यही कारण है कि वर्ष 2004 से 2021 के बीच आदिवासियों पर होने वाले अत्याचार में मध्यप्रदेश 12 बार पहला और 6 बार दूसरे स्थान पर रहा है। देश में आदिवासियों की आबादी मध्यप्रदेश में सबसे ज्यादा है लेकिन विडम्बना यह है कि भाजपा सरकार की उपेक्षा से वे एक मुश्किल दौर से गुजर रहे हैं| प्रदेश की पूरी व्यवस्था बेशर्म हो चुकी है।
अजय सिंह राहुल ने कहा कि मध्यप्रदेश में पिछले दिनों कई वीभत्स घटनायें सामने आई हैं। इन घटनाओं से न सिर्फ मध्यप्रदेश बल्कि पूरे देश को शर्मिंदा होना पड़ा है।
सीधी जिले के पेशाब काण्ड की चर्चा तो पूरे देश में हो रही है। इस घटना से लोग आक्रोश से भर गए हैं| ग्वालियर के भितरवार के गोहिंदा गाँव में दबंगों ने लक्ष्मण और बनवारी आदिवासी की न केवल झोपड़ी जला दी बल्कि उनके परिवार वालों को जूते चप्पल की माला पहना कर अपमानित किया और मारपीट भी की। इसी दिन सात जुलाई को इंदौर के राऊ क्षेत्र के दो आदिवासी युवकों को दबंगों ने रात भर बाँध कर बुरी तरह पीटा। यह घटनायें दर्शाती हैं कि मध्यप्रदेश में आदिवासियों के साथ होने वाले आत्याचार कितने वीभत्स हैं| वहीं नेमावर काण्ड में कन्हैया भील और बिस्टान आदि को सरकार अब तक न्याय नहीं दिला सकी।
अजय सिंह ने कहा कि विगत 16 जुलाई को रीवा के नीवा ग्राम पंचायत के आदिवासी सरपंच अमरजीत कोल पर कुल्हाड़ी से हमला कर अधमरा कर दिया गया| वहीं रायसेन पडरिया खुर्द गाँव के एक आदिवासी युवक की हत्या करने का मामला प्रकाश में आया है लेकिन अभी तक हत्यारे का पता नहीं है। ऐसे ही कई और मामले हैं जिनमें पुलिस के हाथत् खाली हैं।
