Newspost, National Infra Desk.

अमृत काल में भारतीय रेल ने अपने यात्रियों को कई बड़ी सौगातें दी हैं। उनमें से एक है- अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेन। यात्रियों के लिए अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस यह ट्रेन किफायती यात्रा की प्रतीक है। आज देश में अलग-अलग रुटों पर  11 अमृत भारत ट्रेनें अपनी सेवाएं दे रही हैं। यह ट्रेन आकर्षक डिज़ाइन और सुविधाओं से युक्त है। यह पूरी तरह से स्वदेशी ट्रेन है जो भारत की भावना को और मजबूत करती है। इसकी पहचान तीन पहलुओं में छिपी है – यात्रियों की सुविधा, ऊर्जा की बचत और पर्यावरण के प्रति सजगता। यही कारण है कि यह ट्रेन देश के बदलते स्वरूप की झलक पेश करती है।

इन रूट्स पर चल रही हैं अमृत भारत ट्रेनें

वर्तमान में देश में 11 अमृत भारत एक्सप्रेस चल रही हैं। इनमें से 10 अमृत भारत एक्सप्रेस बिहार राज्य के विभिन्न स्टेशनों से देश के प्रमुख शहरों के लिए चलायी जा रही हैं। अमृत भारत एक्सप्रेस – दरभंगा–आनंद विहार टर्मिनल, सहरसा–लोकमान्य तिलक टर्मिनस, राजेंद्रनगर–नई दिल्ली, बापूधाम मोतिहारी–आनंद विहार टर्मिनल, दरभंगा–गोमतीनगर, मालदा टाउन–गोमतीनगर, सीतामढ़ी-दिल्ली, गया-दिल्ली, जोगबनी-ईरोड, सहरसा-छेहरटा (अमृतसर) है। एक अमृत भारत एक्सप्रेस पश्चिम बंगाल के मालदा टाउन और कर्नाटक के सर एम. विश्वेश्वरय्या टर्मिनल बेंगलूरु के मध्य चलाई जा रही है।

वर्तमान में 10 अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेनें बिहार के करीब 26 जिलों की आबादी को सेवा प्रदान कर रही हैं। ऐसे सुदूर इलाकों और रूटों पर जहां से लंबी दूरी की ट्रेनों की उम्मीद नहीं थी, वहां इन 11 वर्षों में पटरियां बिछीं, पुल बने और अब अमृत भारत एक्सप्रेस जैसी ट्रेनों की शुरूआत भी हुई है। ऐसा ही एक क्षेत्र कोशी का है। सहरसा से सुपौल, सरायगढ़, निर्मली और झंझारपुर होते हुए अमृतसर तक नई अमृत भारत एक्सप्रेस का परिचालन इस सोच का ही परिचायक है कि समाज के सीमांत आय वर्ग के लोग भी सम्मानित रूप से यात्रा कर सकते हैं। एक अन्य ट्रेन जो बिहार के सीमांचल जोगबनी से दक्षिण भारत के तमिलनाडु के ईरोड तक शुरू की गई है, इससे हजारों आम लोगों के लिए लंबी दूरी की यात्रा सुगम और सुलभ हो गई है।

अत्याधुनिक ट्रेन में हैं जनरल व स्लीपर क्लास

अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेन के निर्माण के पीछे विशेष रूप से शिक्षा, रोजगार, चिकित्सा, धार्मिक पर्यटन, प्रवासन, बेहतर अवसरों की तलाश तथा पर्व-त्योहारों एवं पारिवारिक आयोजनों हेतु यात्रा करने वालों को बेहतर सुविधा के साथ यात्रा कराना है। अमृत भारत एक्सप्रेस में केवल दो ही श्रेणी के कोच होते हैं। इसमें अनारक्षित तथा शयनयान श्रेणी के कोच हैं जिससे अधिक तादाद में यात्री इन ट्रेनों से यात्रा कर सकते हैं। अमृत भारत एक्सप्रेस में कुल सीटों की संख्या – आरक्षित एवं अनारक्षित श्रेणी में लगभग आधी-आधी होती हैं। इस ट्रेन का आरक्षित श्रेणी में टिकट नहीं मिलने पर भी अनारक्षित श्रेणी में यात्रा कर सकते हैं।

अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेनों की शुरुआत करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा था कि वंदे भारत और नमो भारत के बाद एक और आधुनिक ट्रेन देश को मिली है। इस नई ट्रेन का नाम अमृत भारत ट्रेन रखा गया है। वंदे भारत, नमो भारत और अमृत भारत ट्रेनों की यह त्रिशक्ति भारतीय रेल का कायाकल्प करने जा रही हैं। अमृत भारत ट्रेनों का निर्माण मेक इन इंडिया प्रोग्राम के तहत इंटीग्रेटेड कोच फैक्ट्री (ICF) में किया गया है। इसे खास तौर पर मध्य एवं निम्न आय वर्ग के लोगों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है, जिसमें स्लीपर और जनरल क्लास के डिब्बे लगे हुए हैं।

अमृत भारत ट्रेन के फीचर्स

आधुनिक सुविधाओं से लैस अमृत भारत ट्रेन के नए संस्करण में कई-नई सुविधाएं भी प्रदान की गई हैं, जिससे अमृत भारत 2.0 पहले से कहीं ज्यादा सुविधाजनक और हाईटेक हो गई है। अमृत भारत 2.0 ट्रेन में 130 किमी/घंटा रफ्तार देने की क्षमता है। भारतीय रेल के इतिहास में पहली बार ट्रेन में सेमी-ऑटोमैटिक कपलर का उपयोग किया गया है, जो न केवल यात्रा को सुगम बनाती है, बल्कि कनेक्शन को भी सुविधाजनक बनाती है। तकनीकी दृष्टि से भी अमृत भारत एक्सप्रेस अत्यंत सुरक्षित है। कवच सिस्टम से लैस इस ट्रेन में सेमी ऑटोमैटिक कपलर, क्रैश ट्यूब और ईपी-असिस्टेड ब्रेक सिस्टम लगाए गए हैं, जिससे आपात स्थिति में तुरंत ब्रेक लग सके। सभी कोच पूरी तरह से सील्ड गैंगवे और वैक्यूम एवैक्यूएशन सिस्टम से लैस हैं। पहली बार नॉन-एसी कोच में फायर डिटेक्शन सिस्टम की सुविधा दी गई है, जो यात्रियों की सुरक्षा में क्रांतिकारी कदम है। इसके अलावा टॉकबैक यूनिट और गार्ड रूम में रिस्पॉन्स यूनिट सुरक्षा को और मजबूत बनाते हैं। यात्रा के दौरान आराम का विशेष ख्याल रखा गया है। ट्रेन में सेमी-ऑटोमैटिक कपलर का उपयोग किया गया है, जिससे कोच जोड़ते या अलग करते समय झटका या शोर नहीं होता। डिफॉर्मेशन ट्यूब दुर्घटना की स्थिति में झटका कम कर देती है। पुश-पुल तकनीक इसकी रफ्तार को बढ़ाने में मदद करती है। इसमें दोनों तरफ इंजन होता है जिससे ट्रेनों की रिर्वसल की आवश्यकता नहीं होती है तथा समय की बचत होती है ।
यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए कोचों में कई आधुनिक फीचर जोड़े गए हैं। फोल्डेबल स्नैक्स टेबल, मोबाइल होल्डर, बॉटल होल्डर, रेडियम फ्लोर स्ट्रिप्स, आरामदायक सीटें और बेहतर बर्थ इसमें शामिल हैं। हर शौचालय में इलेक्ट्रो-न्यूमेटिक फ्लशिंग प्रणाली, ऑटोमेटिक सोप डिस्पेंसर और फायर सप्रेशन सिस्टम जैसी सुविधाएँ दी गई हैं। दिव्यांगजनों के लिए भी विशेष शौचालय उपलब्ध कराए गए हैं। साथ ही, हर यात्री के लिए फास्ट चार्जिंग पोर्ट और पेन्ट्री कार जैसी सुविधाएँ यात्रा को और सुखद बनाती हैं।

ऑन-बोर्ड कंडीशन मॉनिटरिंग सिस्टम से रियल टाइम व्हील और बियरिंग की निगरानी होती है। इंटरनेट आधारित वाटर लेवल इंडिकेटर स्टेशनों और ऑन-बोर्ड स्टाफ को सहायता प्रदान करते हैं। देश में पहली बार किसी ट्रेन में बाहरी आपातकालीन लाइट्स की सुविधा भी दी गई है।

अमृत भारत एक्सप्रेस उस सोच की परिचायक है, जो बताती है कि अब देश की रेल यात्रा आधुनिक सुविधाओं और किफायती दरों के साथ एक नए युग में प्रवेश कर चुकी है।

सौजन्य- सरस्वती चन्द्र, मुख्य जनसंपर्क अधिकारी

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