Newspost, Corporate Desk. सिंगरौली/शक्तिनगर।
नेशनल पावर एंड कॉल सेक्टर मेंस यूनियन ने शनिवार, 13 दिसंबर को एनटीपीसी चिल्का झील पार्क में आयोजित आवश्यक बैठक में कई बिंदुओं पर चर्चा की। बैठक में जुटे पदाधिकारियों एवं कर्मचारी सदस्यों ने एनसीएल की खड़िया परियोजना में ओबी हटाने का कार्य कर रही आउटसोर्सिंग कंपनी एस ए यादव प्राइवेट लिमिटेड द्वारा अपने कर्मचारियों का कॉर्पोरेट बैंक अकाउंट नहीं खोलने पर चिंता जताई है। नेशनल कोल्ड एंड पावर सेक्टर मेंस यूनियन, सिंगरौली सोनभद्र के संरक्षक संयोजक छोटू सिंह ने इस दौरान चेतावनी देते हुए कहा कि सात दिन के भीतर यदि कर्मचारियों के बैंक खाते नहीं खोले गए तब वे अनिश्चितकालीन सत्याग्रह का रास्ता चुन सकते हैं।
संगठन द्वारा बयान जारी कर बताया है कि, आउटसोर्सिंग कंपनी अपने मजदूरों को मिलने वाले सामाजिक सुरक्षा व 40 लाख रुपये के इंश्योरेंस को नहीं देना चाहती, इसीलिए उनके खाते नहीं खुलवाए हैं, यह जघन्य अपराध है। इस संबंध में कोयला मंत्री भारत सरकार ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि सभी आउटसोर्सिंग कंपनियां मजदूरों का कॉर्पोरेट बैंक अकाउंट खुलवाएंगी। किंतु खड़िया परियोजना में ऐसा नहीं हो रहा है जिसके चलते यूनियन ने यह निर्णय लिया है कि उपरोक्त कंपनी 7 दिनों के अंदर मजदूरों का कॉर्पोरेट बैंक अकाउंट नहीं खोलती है तो खड़िया परियोजना के मुख्य द्वार पर समस्त आउटसोर्सिंग कंपनी के मजदूर अनिश्चितकालीन सत्याग्रह पर बैठेंगे। इससे होने वाले किसी भी क्षतिपूर्ति का पूर्ण जिम्मेवार एनसीएल खड़िया परियोजना एवं एस ए यादव प्राइवेट लिमिटेड कंपनी होगी।
