📌 वन ‌अधिनियम व वन्य प्राणी संरक्षण कानून के तहत की गई कार्यवाही, आरोपी गया जेल

Newspost, Regional Desk.

एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। जहाँ एक दरिंदा वन्य प्राणी सियार (jackal) का शिकार उनकी गुफा में आग लगाकर उन्हें जिंदा जलाकर करता था। यह प्रकरण सिंगरौली, मध्य प्रदेश के वन परिक्षेत्र बैढ़न के बरहपान बीट का है। फिलहाल सियार के गुफा में आग लगाकर उन्हें जलाने एवं शिकार करने वाले आरोपी को वन विभाग की टीम ने पकड़कर न्यायालय में पेश किया जहाँ से उसे जेल भेज दिया गया है।

बैढ़न रेंज के रेंजर भीम सेन वर्मा नेे बताया कि डीएफओ के निर्देशन एवं एसडीओ बैढ़न के मार्गदर्शन में 3 जून को परिक्षेत्र सहायक वृत्त गोभा अन्तर्गत बीट बरहपान के कक्ष क्रमांक आरएफ 406 में वन्यप्राणी रहवास स्थल गुफा में आग लगाकर वन्य प्राणी सियार के बच्चों को जलाने की सूचना प्राप्त हुई। इस पर तत्काल परिक्षेत्र सहायक गोभा के नेतृत्व में टीम गठित कर मौके पर रवाना किया गया। वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंच कर सर्व प्रथम गुफा में लगी आग को ग्रामीणों के सहयोग से बुझाया और जेसीबी मशीन बुलाकर गुफा की खुदाई कर अंदर फंसे वन्यप्राणियों के रेस्क्यू का कार्य प्रारम्भ किया। इस दौरान गुफा के अंदर वन्य प्राणी सियार के बच्चे का अधजला पैर एवं सिर का कंकाल व अन्य हड्डियां प्राप्त हुईं। साथ ही गुफा के अंदर वन्यप्राणी सियार का एक जीवित स्वस्थ्य बच्चा उम्र लगभग 1.5 वर्ष मिला। जिसे रेस्क्यू कर सुरक्षित वन क्षेत्र में छोड़ा गया। इसी बीच ग्रामीणों से पूछताछ कर गुफा में आग लगाने वाले आरोपी का पता लगाया और आरोपी मो. आदिम शेख पिता लालू शेख निवासी केरवा थाना बैढ़न के विरुद्ध भारतीय वन अधिनियम 1927 की धारा 26 (1) ख एवं ग तथा वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 की धारा 9, 39 एवं 51 के तहत अपराध पंजीबद्ध कर आरोपी को गिरफ्तार कर 6 जून को न्यायालय में पेश किया जहां से उसे 20 जून तक न्यायिक अभिरक्षा में जिला जेल पचौर भेज दिया गया है। 

उक्त कार्यवाही में डिप्टी रेंजर गोभा सिरीश कुमार रावत, उप वनक्षेत्र पाल, धर्मराज सिंह वनपाल, सुशील कुमार बुनकर, देवपति सिंह वनरक्षक, महेन्द्र तिवारी , सर्वेश तिवारी एवं विपिन कुमार पाण्डेय वनरक्षक सहित अन्य कर्मचारियों की भूमिका सरहानीय रही है।

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