समय पर नहीं मिली एंबुलेंस, मामला कुशमी जनपद के प्राथमिक शाला कचपेंच का

Regional Desk, RB Singh ‘Raaz’, सीधी,MP॰

एमपी के सीधी जिले के आदिवासी बहुल जनपद पंचायत कुशमी के अंतर्गत जन शिक्षा केन्द्र चिनगवाह के प्राथमिक शाला कचपेंच में सरकार द्वारा संचालित मध्यान्ह भोजन खाने से 15 बच्चे बीमार हो गए। परिजनों द्वारा इसकी सूचना खण्ड स्तरीय अधिकारियों को दी गई लेकिन बरसात के कारण बीमार बच्चों को अस्पताल तक पहुंचाने पूरी रात एंबुलेंस का इंतजार करना पड़ा। सुबह 9 बजे एंबुलेंस उपलब्ध हो सकी।

बताया गया कि प्राथमिक शाला कचपेंच में पढ़ने वाले बच्चे ने रोज की तरह बीते बुधवार को भी दोपहर में मध्यान्ह भोजन किया था। शाम 4 बजे स्कूल की छुट्टी होने पर सभी बच्चे अपने अपने घर पहुंच गए। जहां कुछ बच्चों को सिर दर्द, बुखार, उल्टी, दस्त शुरू हो गई। यह देखकर परेशान परिजनों द्वारा गांव के अन्य बच्चों के संबंध में जानकारी एकत्रित की गई तो पता चला कि गांव के गुप्ता समाज के करीब 15 बच्चों में कुछ बीमार हैं।

इसकी जानकारी गांव से दूर नेटवर्क ढूंढकर कुशमी के खण्ड स्तरीय अधिकारियों को देते हुए गांव में एंबुलेंस भेजने की गुजारिश की गई। लेकिन रात भर एंबुलेंस के इंतजार और संजय टाइगर रिजर्व एरिया के जानवरों के डर से ग्रामीण बीमार बच्चों का देशी उपचार करते रहे। सुबह कीचड़ युक्त रास्ते से वाइक द्वारा किसी तरह से उमरिया छात्रावास तक सभी बच्चों को पहुंचाया गया। जहां स्थानीय स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा उपचार शुरू किया गया। तत्पश्चात सुबह करीब 9 बजे उमारिया पहुंची एंबुलेंस से सभी बच्चों को मझौली अस्पताल पहुंचाया गया। यहां से एक बच्चे हिमांशु गुप्ता की हालत गंभीर होने के कारण जिला चिकित्सालय रेफर कर दिया गया है। शेष बच्चों की हालत में सुधार होने के कारण मझौली अस्पताल में इलाज चल रहा है।

ग्रामीणों ने लगाए आरोप

अभिभावकों ने समूह संचालक पर आरोप लगाते हुए कहा बच्चों द्वारा मध्यान्ह भोजन घटिया होने की शिकायत पर कई बार मौखिक रूप से समूह संचालक को समझाइश दी गई थी। लेकिन राजनीतिक संरक्षण होने के कारण समूह संचालक द्वारा बच्चों की सेहत से लगातार खिलवाड़ किया जा रहा है। ये घटना इसी का नतीजा है। बताया गया कि शिक्षक तेजभान सिंह कभी कभार ही स्कूल आते हैं। शिक्षक द्वारा शिक्षकीय कार्य के लिए एक अन्य व्यक्ति को निजी व्यय पर रखा गया है।

ये बच्चे हुए बीमार

मिली जानकारी के अनुसार पवन गुप्ता, रिषिमुन गुप्ता, शिप्रा गुप्ता, मिनाक्षी गुप्ता, अंशिका गुप्ता, सौर्य गुप्ता, अनुराग गुप्ता, अभिलेष गुप्ता, कृष्ण गुप्ता, निखिल गुप्ता, निमिता गुप्ता, अभिशेख गुप्ता, ज्ञानी गुप्ता, हिमांशु गुप्ता, निशा गुप्ता सभी की उम्र 5 से 10 वर्ष बताई गई है। जिसमें 13 बच्चे प्राथमिक शाला कचपेंच एवं 2 बच्चे अन्य स्कूल के शामिल हैं।

सुविधाओं के अभाव में गुजर रहा जीवन

कुशमी जनपद अंतर्गत आने वाले लगभग आधा सैकड़ा गांव जो संजय टाइगर रिजर्व के विस्थापन का दंश झेल रहे हैं। इन गांवों में निवास करने वाले मानव नरकीय जीवन जीने को मजबूर हैं। क्योंकि विस्थापित गांव नदी-नाले से घिरे हुए हैं फिर भी पुल, पुलिया, सड़क, बिजली, नेटवर्क जैसी मूलभूत सुविधाओं का अभाव बना हुआ है। इतना ही नहीं ग्रामीणों को सरकार की महत्वाकांक्षी शौचालय, आवास, कूप निर्माण जैसी योजनाओं के लाभ देने पर भी प्रतिबंध लगाया गया है। सरकार द्वारा ना तो विस्थापन की प्रक्रिया में तेजी लाने का प्रयास किया जा रहा है और न ही आवश्यक सुविधाएं मुहैया कराई जा रही है। लिहाजा प्रभावित गांवों के रहवासी अपने को ठगा सा महसूस कर रहे हैं।

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