📌यह शिष्टाचार भेंट है या …

Newspost, National Desk, Editorial Desk.

न‌‌ई दिल्ली, भारत. मोदी 3 के मंत्रिमंडल के बंटवारे के बाद कोयला एवं खान मंत्री के रूप में आंध्रप्रदेश के भाजपा सांसद जी. किशन रेड्डी के नाम की घोषणा और उनके कामकाज को संभालने के ऐन समय कोल इंडिया लिमिटेड के चेयरमैन पीएम प्रसाद सबसे पहले सीआईएल के निदेशक तकनीकी के साथ दिल्ली पहुंचे और कोयला मंत्री से गुलदस्ते के साथ अनौपचारिक भेंट की। इस दौरान कोयला उद्योग के कामकाज की सामान्य चर्चा भी की गई तथा इसे सौहार्द भेंट बताया गया। इस अवसर पर कोल इंडिया के निदेशक तकनीकी बी. वीरा रेड्डी भी उपस्थित रहे। कोल इंडिया शीर्ष प्रबंधन के इन दोनों अधिकारियों के ठीक बाद कोल इंडिया की मिनी रत्न कंपनी नॉर्दर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड सिंगरौली के सीएमडी बी. साईराम भी दिल्ली पहुंचे और कोयला मंत्री रेड्डी से बड़े ही सौहार्दपूर्ण ढंग से भेंटकर उन्हें शुभकामनाएं दीं तथा कंपनी के कामकाज, उत्पादन व प्रेषण लक्ष्य के बारे में सरसरी तौर पर बताया।

चर्चा में है कोल ‌इंडिया-

यहाँ तक सभी कुछ ठीक कहा जाएगा, ऐसा अमूमन होता आया है। विभागों के बंटवारे के बाद कामकाज संभालने के साथ ही संबंधित मंत्री से भेंट करने की परंपरा पुरानी है। संभवतः मंत्री महोदय के क्लोज़ लिस्ट में आने एवं उनका प्रोत्साहन और फ्री हैंड अर्जित करने के उद्देश्य से ही यह औपचारिकता निभाई जाती रही है। लेकिन, मंत्री श्री रेड्डी तो आंध्रप्रदेश के हैं ही, कोल इंडिया लिमिटेड के चेयरमैन पीएम प्रसाद, डायरेक्टर टेक्निकल बी. वीरा रेड्डी एवं एनसीएल के सीएमडी बी. साईराम भी आंध्रप्रदेश के ही बताए जाते हैं। इसलिये आम लोगों में इस बात की चर्चा है कि, मोदी 3.0 की सरकार को ठीक से चलाने के लिये इस बार आंध्रप्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू की पार्टी टीडीपी एवं अभिनेता चिरंजीव के छोटे भाई पवन कल्याण के निरंतर सहयोग की जरूरत बनी रहने की संभावना है। उसी तरह कोल इंडिया के विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर आसीन इसी राज्य के अधिकारियों की महती भूमिका तथा विशेष प्रभाव रहने के कयास लगाए जा रहे हैं। यह भी चर्चा है कि कोल इंडिया पर दक्षिण का खासा असर होगा और कोयला मंत्री के फैसलों में इसकी झलक भी दिखाई देगी। आगे क्या होगा, क्या नहीं, इसकी स्पष्ट बानगी आगामी चंद दिनों में दिखाई देगा। बहरहाल 'न्यूज़पोस्ट ग्लोबल' मीडिया नेटवर्क कोल इंडिया मैनेजमेंट के इन शीर्ष अधिकारियों की तकनीकी दक्षता और संवेदनशीलता का हामी है। विभाग के नये मंत्री को ये सही सहयोग प्रदान कर राष्ट्र, उद्योग, कर्मचारियों और जनमानस के उत्थान व प्रगति को सुनिश्चित करते हुए ये पीएम मोदी के विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने में सहयोगी सिद्ध होंगे ऐसी अपेक्षा व्यक्त की जा रही है।

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