कलेक्टर ने बीआरसीसी से 12 सितम्बर तक मांगा नोटिस का जवाब
मिशन संचालक एवं कलेक्टर ने जारी किया नोटिस, बीआरसीसी भूमिगत
Newspost, MP State Desk, Singrauli.
म.प्र. पाठ्य पुस्तक निगम भोपाल द्वारा सिंगरौली के विद्यालयों में अध्ययनरत छात्र छात्राओं को प्रदान की जाने वाली नि:शुल्क पाठ्य पुस्तकों का वितरण न कर कबाड़ियों के हाथों बेचे जाने के प्रयास का मामला गरमा गया है। कलेक्टर चन्द्रशेखर शुक्ला ने बीआरसीसी चितरंगी सियाराम भारती को एवं डीईओ एसबी सिंह ने बीएसी शिवकुमार मिश्रा व माध्यमिक विद्यालय पिपरवान के प्रधानाध्यापक रामेश्वर जायसवाल को सोमवार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। शुक्रवार 12 सितम्बर की सुबह 11 बजे तक नोटिस का लिखित जवाब प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है।
क्या है प्रकरण-
बीते 2 सितम्बर को कोतवाली क्षेत्र बैढ़न के कचनी में एक कन्टेनर व एक पिकअप वाहन को कक्षा 1 से 8वीं तक के लगभग 200 बंडल शासकीय पुस्तकों के साथ जप्त कर इसकी जानकारी जिला शिक्षाधिकारी को कोतवाली पुलिस ने पत्र द्वारा दिया था। इस मामले को कलेक्टर सिंगरौली चन्द्रशेखर शुक्ला ने संज्ञान में लेते हुये तीन सदस्यीय जांच टीम गठित किया। जिसमें डीईओ एसबी सिंह, डीपीसी आरएल शुक्ला एवं सहायक संचालक शिक्षा कविता त्रिपाठी शामिल थीं। जांच टीम ने चितरंगी बीआरसी दफ्तर एवं पिपरवान विद्यालय के गोदाम पहुंचकर बीआरसीसी सियाराम भारती, बीएसी एवं ब्लॉक पुस्तक प्रभारी शिवकुुमार मिश्रा एवं माध्यमिक विद्यालय पिपरवान के हेडमास्टर रामेश्वर जायसवाल से पूछताछ कर बयान दर्ज किया। जांच टीम ने अपना प्रतिवेदन कलेक्टर के समक्ष प्रस्तुत किया।
सूत्र बताते हैं कि कलेक्टर ने बीआरसीसी सियाराम भारती को नोटिस जारी करते हुये 12 सितम्बर को 11 बजे दिन अधोहस्ताक्षरी के साथ तथात्मक सहपत्रों सहित जवाब देने के लिए कहा है। अन्यथा बीआरसीसी की संविदा समाप्त कर दी जाएगी। वहीं बीएसी व ब्लॉक पुस्तक प्रभारी शिवकुमार मिश्रा तथा माध्यमिक विद्यालय पिपरवान के प्रधानाध्यापक रामेश्वर जायसवाल को डीईओ ने नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। साथ ही जांच टीम ने बीआरसीसी पर कई आरोप भी लगाए हैं।
फिलहाल यह मामला काफी तूल पकड़ लिया है। वहीं उक्त घटनाक्रम के बाद पिछले दो दिनों से बीआरसीसी भूमिगत हैं। फलत: नोटिस की तामीली कराने के लिए जिला शिक्षा केन्द्र को माथापच्ची करनी पड़ रही है।
बैढ़न क्यों लायी गयी थीं पुस्तकें-
म.प्र. पाठ्य पुस्तक निगम भोपाल के कक्षा 1 से 8वीं तक की किताबों को यूपी ऊन्नाव जिले के कबाड़ कारोबारी के यहां बेचे जाने के मामले में कुछ नये तथ्य सामने आ रहे हैं। चितरंगी पिपरवान से पिकअप वाहन क्रमांक यूपी 65 एचटी 4435 किताबों को लेकर बैढ़न के कचनी आया। जबकि चितरंगी से यूपी सीमा की दूरी महज 25 किलोमीटर है। रूट बदलने को लेकर शक की सुई कहीं और घूमने लगी है। सूत्र बताते हैं कि उक्त पिकअप वाहन देवसर से होते हुये बैढ़न कचनी आया और यहां पुस्तकों को कन्टेनर में लोड होने लगा। सवाल उठाया जा रहा है कि बैढ़न-देवसर रूट से होकर आने के पीछे कहीं दूसरा खेल तो नहीं था?
वर्षो से बेची जा रही थीं किताबें
सूत्रों के अनुसार सरकारी किताब कक्षा 1 से 8वीं तक की कई वर्षों से कबाड़ियों के हाथों बेची जा रही है। जांच टीम को कुछ ऐसी अहम जानकारियां भी मिली हैं। यहां बताते चले की पिछले वर्ष बगदरा क्षेत्र में पिकअप वाहन से सरकारी किताबें सीमावर्ती यूपी के घोरावल में बेची जा रही थी। जहां बगदरा क्षेत्र के कुछ लोगों ने प्रदेश की किताबें एवं म.प्र. पाठ्य पुस्तक निगम किताबों व पिकअप वाहन को पकड़ लिया था। किन्तु बाद में चितरंगी खण्डस्तर के शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने क्लीन चिट दे दिया था। अब वही शिक्षा विभाग से जुड़े सूत्र बताते हैं कि सरकारी स्कूली किताबों को कबाड़ियों के यहां बेचने का खेल कई वर्षों से चल रहा है।
