प्रतिबंधित बगदरा अभ्यारण्य के 30 एकड़ भूमि का फर्जी तरीके से रजिस्ट्री का मामला
Newspost, MP Regional Desk.
चितरंगी, सिंगरौली (मप्र)। संजय रिज़र्व नैशनल पार्क (अभयारण्य) बगदरा के झपरहवा गांव की क्रय-विक्रय के लिए प्रतिबंधित भूमि का फर्जी तरीके से रजिस्ट्री कराने वाले गिरोह के सूत्रधार, फिलहाल निलंबित पटवारी की जमानत याचिका पंचम अपर सत्र न्यायाधीश बैढ़न के न्यायालय से खारिज हो गई है।
यह है पूरा मामला–
बताया जाता है कि अभ्यारण्य बगदरा के भूमियों के क्रय-विक्रय, नामांतरण पर तत्कालीन कलेक्टर द्वारा 11 मई 2022 को आदेश जारी कर रोक लगा दिया गया था। इसके बावजूद उप पंजीयक सिंगरौली अशोक सिंह परिहार ने झपरहवा गांव की भूमि की रजिस्ट्री संजय कुमार जायसवाल एवं उसकी पत्नी के नाम कर दिया था। वहीं विक्रेता कास्तकार राकेश मल्लाह फर्जी था। तत्कालीन पटवारी उदित नारायण शर्मा ने फर्जी दस्तावेज तैयार किया था। फरियादी संजय कुमार की शिकायत पर कोतवाली पुलिस बैढ़न ने आरोपियों के खिलाफ भादवि की धारा 420, 467, 468, 471, 120 बी के तहत अपराध पंजीबद्ध करते हुये पिछले सप्ताह 21 अप्रैल को गिरफ्तार कर बैढ़न न्यायालय में पेश किया था। मंगलवार को आरोपी निलंबित पटवारी के जमानत आवेदन को अरुण कुमार खरादी पंचम अपर सत्र न्यायाधीश बैढ़न के द्वारा खारिज कर दी गई है। वहीं फरियादी का कहना है कि जब पटवारी को गिरफ्तार किया जा सकता है तो उप पंजीयक को गिरफ्तार करने में कोतवाली पुलिस एवं जिम्मेदार अधिकारी क्यों कतरा रहे हैं। उप पंजीयक की एक नहीं कई काले कारनामे हैं। यह बात किसी से छुपी नहीं है। यदि उप पंजीयक द्वारा झपरहवा गांव की भूमि का रजिस्ट्री नहीं किया गया होता तो शायद मेरे 40 लाख रुपये बच जाते। कहना था कि लगभग तीन साल से पुलिस अधिकारियों के यहां न्याय के लिए चक्कर लगाना पड़ रहा है, उससे राहत मिलती। पुलिस अधिकारियों की दरियादिली समझ से परे है। फरियादी संजय ने आईजी रीवा एवं पुलिस अधीक्षक का ध्यान आकृष्ट कराते हुये उप पंजीयक पर भी शीघ्र कार्रवाई कराये जाने की मांग की है।
