Newspost, Corporate Desk. Kolkata/New Delhi/Dhanbad/Vishrampur/Singrauli.
कोलकाता उच्च न्यायालय के आदेश के बाद कोयला श्रमिकों के बोनस संबंधी बैठक स्थगित होने से श्रमिक संगठन प्रबंधन के खिलाफ मोर्चा खोल रहे हैं। यह समस्या हाईकोर्ट में चल रहे इंटक के मामले से जुड़ा हुआ है। बहुत पहले से गुटबाजी के कारण मानकीकरण समिति से बाहर रही इंटक को शामिल करने के लिए हाईकोर्ट के सिंगल बेंच का आदेश आया जिसमें इंटक को कमेटी में शामिल करने की बात कही गई थी। इसके बाद कोल इंडिया ने डबल बेंच में अपील दायर कर दी। कोर्ट ने तब अपने अंतिम फैसले तक मानकीकरण समिति की बैठक पर रोक लगा दी। अब सीटू, एटक, एचएमएस के साथ साथ बीएमएस ने कामगारों के लिए अग्रिम बोनस भुगतान की मांग को लेकर आंदोलन शुरू कर दिया है। संगठनों ने कोल इंडिया से एक लाख रुपये की अग्रिम राशि की मांग की है।
ABKMS के महामंत्री ने चेयरमैन कोल इंडिया को लिखा पत्र

अखिल भारतीय खदान मजदूर संघ के महामंत्री सुजीत सिंह ने कोल इंडिया लिमिटेड के अध्यक्ष सह-प्रबंध निदेशक को पत्र लिखकर दशहरा पर्व के पूर्व सभी कामगारों के बैंक खातों में उत्सव अग्रिम राशि जमा करने की मांग की है। संगठन के महामंत्री सुजीत सिंह ने पत्र में उल्लेख किया है कि 22 सितंबर को नई दिल्ली में कोल इंडिया मानकीकरण समिति की बैठक प्रस्तावित थी, लेकिन अपरिहार्य कारणों से स्थगित हो गई। बैठक स्थगित होने के कारण कामगारों की अपेक्षाओं को देखते हुए संघ ने सीएमडी से सीधे मांग की है कि त्यौहार से पहले अग्रिम भुगतान की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। संगठन ने स्पष्ट किया है कि स्थाई कामगारों को एक लाख रुपये तथा ठेका कामगारों को दस हजार रुपये उत्सव अग्रिम राशि के रूप में उनके बैंक खातों में जमा किया जाए।
उच्च न्यायालय कोलकाता के आदेश के बाद मानकीकरण समिति की बैठक पर रोक लगने के बाद अब चारों संगठनों ने कोयला श्रमिकों के बोनस को लेकर प्रबंधन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। बैठक पर कोर्ट द्वारा रोक लगाए जाने संबंधी जानकारी कोल इंडिया मुख्यालय ने सोमवार को पत्र जारी कर बताया है। इस चिट्ठी के बाद बीएमएस, एचएमएस, सीटू, एटक ने भी अपने अपने स्तर से बोनस के रूप में अग्रिम भुगतान की मांग को लेकर आंदोलन शुरू कर दिया है।
कोल इंडिया मुख्यालय कर रहा विचार
कोल इंडिया मुख्यालय उत्पन्न स्थिति को लेकर विचार कर रहा है। कोयला मंत्रालय से इस मामले में चर्चा किये जाने की भी जानकारी छनकर आ रही है। कोल इंडिया चेयरमैन पीएम प्रसाद की अध्यक्षता में प्रबंधन की होने वाली बैठक में अग्रिम भुगतान किया जाए या और कोई रास्ता निकाला जाए, इस पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा। उड़ती खबर के अनुसार कोर्ट ने अपना अंतिम फैसला सुना दिया है। हालांकि एनपीजी मीडिया इसकी पुष्टि नहीं करता। यह भी ज्ञात नहीं है कि यदि हाईकोर्ट ने अंतिम फैसला सुना दिया है तो उसमें क्या है? लेकिन अब तक यही कहा जा सकता है कि कोल इंडिया बीच का कोई रास्ता निकाल सकता है।
सरकार और बीएमएस के दबाव में बोनस से वंचित हुए कामगार – हरिद्वार सिंह

AITUC के उपाध्यक्ष हरिद्वार सिंह का कहना है कि, पहले आए कोलकाता हाईकोर्ट के फैसले के मुताबिक इंटक को मानकीकरण समिति में शामिल करना था। लेकिन कोयला मंत्रालय एवं भारतीय मजदूर संघ (BMS) के दबाव में CIL प्रबंधन डबल बेंच में चली गई।
इनका कहना है कि कोलकाता हाईकोर्ट की डबल बेंच ने सिंगल बेंच के फ़ैसले को बरकरार रखा है। जबकि कोल इंडिया के अपील की सुनवाई 22 सितंबर को करने के बाद हाईकोर्ट ने अपने फैसले को सुरक्षित कर लिया है और अंतिम फैसले तक मानकीकरण समिति (standardization committee) की बैठक को सस्पेंड कर दिया है। यही कारण है कि कोयला मज़दूर अब तक सालाना बोनस से वंचित रह गये, जिसका हमें दुःख है।
उन्होंने कहा कि हम कोशिश कर रहे हैं कि किसी न किसी रूप में त्योहार के पूर्व मज़दूरों को पैसा पहुंचे और मजदूर अच्छे से त्योहार मना सकें। किसी केन्द्रीय युनियन के शामिल होने या नहीं होने से किसी को क्या फर्क पड़ता है, मज़दूरों का हित सबका उद्देश्य है। कोल इंडिया पूजा से पहले एक लाख रुपये का अग्रिम भुगतान करे। बोनस का निर्णय बाद में होगा। देश के कोयला मजदूरों का साथ कोई साजिश नहीं चलेगी, जल्द से जल्द बोनस का फैसला करना होगा। पूजा के पहले एक लाख रुपए की अग्रिम भुगतान अभी करें जल्दी करें।
जल्द से जल्द बोनस भुगतान की मांग को लेकर प्रबंधन पर दबाव बनाने के लिए एनसीएल, एसईसीएल, ईसीएल, बीसीसीएल, सीसीएल, एमसीएल, सीएमपीडीआई आदि के मुख्यालयों एवं परियोजना इकाईयों में मजदूर संगठनों द्वारा बोनस की मांग को लेकर प्रदर्शन किया जा रहा है।
