कलेक्टर गौरव बैनल ने पानी के सैंपल की जांच के दिए निर्देश, पीएचई के साथ साथ स्वतंत्र एजेंसी करेगी जांच
Newspost, Administrative Desk. Singrauli, MP.
देश के सबसे स्वच्छ मध्य प्रदेश के इंदौर शहर में दूषित पानी पीने से हुई मौतों के बाद प्रदेश के सभी नगरीय निकायों में अफरातफरी मची हुई है। नागरिक स्वास्थ्य, विशेषकर जलापूर्ति व्यवस्था और आपूर्ति किए जा रहे जल की गुणवत्ता को लेकर सिंगरौली जिला प्रशासन भी सतर्क हो गया है। नगर निगम द्वारा संचालित ढोंटी एवं मोरवा स्थित वाटर ट्रीटमेंट प्लांट का कलेक्टर गौरव बैनल ने नगर निगम की कमिश्नर सविता प्रधान के साथ शनिवार को औचक निरीक्षण किया। जल शोधन कार्यों एवं प्रयोगशाला के अवलोकन के दौरान कलेक्टर ने वाटर सैंपल का भौतिक अवलोकन किया तथा प्लांट के प्रयोगशाला में किए जा रहे रिकॉर्ड संधारण के अव्यवस्थित मिलने पर नाराजगी भी व्यक्त की।
निरीक्षण उपरांत कलेक्टर ने निर्देश दिए कि पानी के सभी पैरामीटरों की जांच प्रयोगशाला द्वारा समय सारणी निर्धारित करें, उसके रिपोर्ट का संधारण करने के साथ ही सभी रिपोर्टों का इंजीनियर द्वारा सत्यापन भी कराएं। उन्होंने निर्देश दिया कि निर्धारित लिमिट से अधिक रीडिंग आने पर उसकी सूचना तत्काल सम्बन्धित अधिकारी को दिया जाना चाहिए। उन्होंने निर्देशित किया कि शोधन उपरांत पानी के सैंपल की जांच पी.एच.ई. एवं प्राइवेट एजेंसी के माध्यम से भी कराया जाना सुनिश्चित करें।
कलेक्टर ने नगर निगम आयुक्त को निर्देश दिए कि ट्रीटमेंट प्लांट के सभी टंकियों के सेंसर की जांच कराई जाए ताकि प्लांट का संचालन सुचारू रूप से हो सके। किसी भी प्रकार के लीकेज की वजह से सप्लाई पाइपलाइन का पानी दूषित न हो यह सुनिश्चित करें। उपभोक्ताओं को दिए जाने वाले जल के सैंपल की भी जांच किया जाना सुनिश्चित करें। पेय जल की गुणवत्ता में कमी बर्दास्त नहीं की जाएगी। निरीक्षण के दौरान नगर निगम आयुक्त सविता प्रधान, डिप्टी कमिश्नर आर.पी. वैस सहित नगर निगम के अधिकारी कर्मचारी उपस्थित रहे।
