5 जनवरी को पार्टी कार्यालय के घेराव का अल्टीमेटम, एसपी ऑफिस से भाजपा जिला कार्यालय तक गूंजे मुर्दाबाद के नारे

Newspost, Political/Regional Desk.

मध्य प्रदेश का सिंगरौली जिला औद्योगिक गतिविधियों और उससे प्रभावित हो रहे जन, जमीन और पर्यावरण तथा आए दिन होने वाली दुर्घटनाओं - अपराधों को लेकर चर्चा में रहता है। लेकिन इन दिनों राजनीतिक - व्यावसायिक वर्चस्व की लड़ाई को लेकर सुर्खियों में है। बीते 26 दिसंबर 2025 को दो पक्षों में हुई एक घटना ने फिलहाल भारतीय जनता पार्टी मंडल सिंगरौली के अध्यक्ष विनोद सिंह कुरुवंशी के राजनीतिक कैरियर पर सवालिया निशान लगा दिया है। सिंगरौली, चितरंगी एवं देवसर विधानसभा क्षेत्रों में अपनी दखल रखने वाले बैसवार समाज के लोगों ने लामबंद होकर सिंगरौली मंडल अध्यक्ष विनोद सिंह कुरुवंशी की गिरफ्तारी और पार्टी से निष्कासन की मांग को लेकर जिला प्रशासन को जो अल्टीमेटम दिया है उससे सियासी माहौल बेहद गर्म हो गया है।

सियासी हलचल की ग्राउंड रिपोर्ट -

शुक्रवार, 02 जनवरी 2026 को अखिल भारतीय बैसवार महासंघ ने अपने समाज के भाजपा कार्यकर्ताओं को साथ में लेकर लामबंदी की और राजनीतिक एवं प्रशासनिक मोर्चों पर दबाव की राजनीति शुरू कर दी। आपको बता दें कि बीते 26 दिसम्बर को एनसीएल हेड क्वार्टर सिंगरौली के करीब संविदाकार शंकर प्रसाद बैस के पुत्र सत्य नारायण बैस के साथ मण्डल अध्यक्ष विनोद कुरुवंशी एवं उनके आधा दर्जन सहयोगियों ने मारपीट किया था। मारपीट का कारण क्या था यह बहुत स्पष्ट नहीं है, लेकिन मंडल अध्यक्ष कुरुवंशी द्वारा सोशल प्लेटफार्म पर साझा वीडियो के अनुसार सत्य नारायण बैस एवं उनके सहयोगियों ने कुरुवंशी के एक चालक के साथ मारपीट की थी और वाहन के टायर में आग लगा दिया था जिसकी प्रतिक्रिया में यह घटना हो गई।

बताया जाता है कि मंडल अध्यक्ष विनोद कुरुवंशी व अन्य द्वारा कथित मारपीट की घटना के बाद बारी बारी से दोनों पक्ष मोरवा थाना पहुंचे और वहां मजमा जैसा लग गया। बताया जाता है कि घटना को लेकर राजनीतिक दबाव भी पुलिस पर बनाया जाने लगा। उभय पक्षों एवं पुलिस सूत्रों के अनुसार तब दोनों पक्षों को शांत कराकर पुलिस ने मौखिक रूप से उनमें समझौता करा दिया। लेकिन पीड़ित पक्ष एवं उससे संबंधित लोग संतुष्ट नहीं हुए तथा घटना को सोशल मीडिया सहित अपने सामाजिक संगठन के पदाधिकारियों को साझा कर दिया। मारपीट की घटना में घायल सत्य नारायण बैस को सिंगरौली हॉस्पिटल में उपचार के लिए भर्ती करा दिया।

यहाँ से मामले में आया मोड़-

अस्पताल में पीड़ित को देखने पहुंचे देवसर विधायक राजेन्द्र मेश्राम की सक्रियता से कोतवाली पुलिस ने जीरो पर अपराध पंजीबद्ध किया।मोरवा पुलिस ने फिर विनोद कुरुवंशी समेत 7 लोगों के विरूद्ध बीएनएस की विभिन्न धाराओं में अपराध कायम कर विवेचना में ले लिया। बैस समाज का कहना है कि आरोपियों के विरुद्ध गंभीर धाराएं नहीं लगाई गई हैं। फलत: इसी बात को लेकर शुक्रवार को अभा बैसवार महासंघ के सैकड़ों लोग एसपी कार्यालय पहुंचे। उन्होंने सीएसपी पीएस परस्ते को ज्ञापन सौंप कर कड़ी कार्रवाई किये जाने की मांग की। 

सौंपा ज्ञापन दिया अल्टीमेटम-

बैस समाज के लोगों ने अब तक की पुलिस कार्रवाई पर असंतोष जताते हुए बीएनएस की धारा 109 के तहत अपराध पंजीबद्ध करने की मांग रखी है। ज्ञापन में कहा गया कि मामले की गंभीरता के बावजूद अब तक कठोर कानूनी कदम नहीं उठाए गए हैं, जिससे पीड़ित समाज में आक्रोश व्याप्त है। इसी बीच भाजपा के सैकड़ों कार्यकर्ता जिला भाजपा कार्यालय पहुंच गए। यहां मंडल अध्यक्ष विनोद सिंह कुरुवंशी के खिलाफ मुर्दाबाद के नारे लगाए।

सांसद व जिलाध्यक्ष को भी सौंपा ज्ञापन-

बैस महासंघ ने सांसद डॉ. राजेश मिश्रा व जिलाध्यक्ष सुंदरलाल शाह को भी ज्ञापन सौंपकर दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की मांग की है। ज्ञापन सौंपने के दौरान भाजपा के कई पूर्व वरिष्ठ पदाधिकारी, सांसद प्रतिनिधि संतोष वर्मा सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और समाजजन मौजूद रहे। इस घटनाक्रम के बाद भाजपा संगठन की अनुशासनात्मक व्यवस्था और पुलिस की विवशता दोनों पर उंगलियां उठने लगी हैं। 

5 जनवरी को बड़े आंदोलन का दिया अल्टीमेटम -

कार्यकर्ताओं ने जिला अध्यक्ष सुंदरलाल शाह को ज्ञापन सौंपते हुए 5 जनवरी के पूर्व गिरफ्तारी का अल्टिमेटम दिया है। यदि अपराध पंजीकरण और संगठनात्मक कार्रवाई नहीं होती, तो 5 जनवरी को एसपी कार्यालय और भाजपा जिला कार्यालय का घेराव किया जाएगा। कार्यकर्ताओं ने स्पष्ट किया कि आज का ज्ञापन केवल सांकेतिक है, अगला कदम बड़े आंदोलन के रूप में होगा। वहीं चर्चा है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई, तो यह आंदोलन भाजपा के जनाधार को लेकर एक संकट के रूप में उभर सकता है। 




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