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राजस्व कोर्ट्स में अनियमितता देख भड़के कलेक्टर, कर दी बड़ी कार्यवाही
मध्य प्रदेश का धुर दक्षिण -पूर्वी जिला है सिंगरौली। वैसे तो इसका नामकरण त्रेता युग के श्रृंगी ऋषि के नाम पर किया गया है। इस भूमि को उनकी तपोभूमि कहा गया है। श्रृंगी ऋषि ने ही महाराज दशरथ को संतान प्राप्ति के लिए पुत्रेष्ठी यज्ञ किया था। पहले श्रृंगावली, फिर सिंहावली और फिर अपभ्रंश होकर सिंगरौली के नाम से इस जिले को पहचान मिली। फिलहाल यह जिला आर्थिक गतिविधियों और राजस्व के लिए ही जाना जाता है। सरकारें शासन व प्रशासन की व्यवस्था उद्योगों और उससे मिलने वाले राजस्व को केन्द्र में रखकर व्यवस्था प्रदान करती रहीं हैं। यहां का जनमानस और उनकी अपेक्षाओं को लगभग यहां कार्यरत खदानों तथा उद्योगों के रहमो-करम पर ही छोड़ दिया जाता रहा है।
अब होने लगा है बदलाव का अनुभव
सिंगरौली जिले में पिछले महीनों में बतौर कलेक्टर गौरव बैनल को इंदौर से स्थानांतरित कर भेजा गया। त्राहि माम कर रही जनता ने सांसें थामकर नये हुक्मरान की कार्य प्रणाली और क्रियाकलापों पर नजर टिकाए दी। आमद के बाद से अब तक कलेक्टर गौरव बैनल ने जनता के भरोसे को बढ़ाया जरूर है।
फिर चर्चा में आया डीएम का यह एक्शन
डीएम बैनल ने तहसील सरई के तहसीलदार कोर्ट का औचक निरीक्षण सोमवार को किया। तहसीलदार कोर्ट के राजस्व प्रकरणों के अवलोकन के दौरान उन्होंने पाया कि अधिकतम राजस्व प्रकरण कई महिनों से लंबित तथा कुछ प्रकरणों के आदेश का पालन नहींं किया गया था। ऐसे भी प्रकरण मिले जिनमें पेशी ही नहीं लगाई गई थी। कलेक्टर ने कोर्ट को नियमित रूप से संचालित नहीं किया जाना माना तथा ऐसी लापरवाही पर सख्त कार्रवाही करते हुए तहसीलदार सरई चन्द्र शेखर मिश्रा को एससीएन जारी करते हुये कलेक्ट्रेट कार्यालय में अटैच कर दिया। वहीं तहसीलदार सरई के रीडर पुष्पेन्द्र द्विवेदी को निलंबित करने के निर्देश दे दिए।

कलेक्टर श्री बैनल द्वारा तहसील सरई के वृत्त खनुआ के नायब तहसीलदार कोर्ट का भी निरीक्षण किया गया। इस दौरान संबंधित कोर्ट में भी राजस्व प्रकरणों के निराकरण में अनियमितता मिली। इस पर नायब तहसीलदार देवकरण सिंह एवं संबधित कोर्ट के रीडर लखपति सिंह को भी कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने उपखण्ड अधिकारी (एसडीएम) देवसर को निर्देश दिए कि लंबित राजस्व प्रकरणों का दो दिवस में निराकरण कर कोर्ट को सुचारू रूप से संचालित करायें ताकि राजस्व प्रकरणों का समय पर निराकरण किया जा सके।
फिर... जनता क्यों हो रही चिंतित !!!
कलेक्टर गौरव बैनल की पारदर्शी कार्यप्रणाली की लोकप्रियता का ग्राफ चढ़ता जा रहा है। पीड़ित प्रताड़ित जनता के चेहरों पर धीमी गति से ही सही अब मुस्कान आने लगी है। लोगों का भरोसा नेतागण से अधिक कलेक्टर पर जमने लगा है। जब परिस्थितियां ऐसी बनने लगतीं हैं। जनता को अफसर द्वारा सुना जाने लगता है तब नेताओं के दरबार सूने पड़ने लगते हैं, जनता उससे पिंड छुड़ाने लगती है जिसे नेता बर्दाश्त नहीं कर पाते। वस्तुत: सिंगरौली और यहां की भोली जनता को गौरव बैनल जैसे कलेक्टर की जरूरत है, लेकिन डर इस बात का भी है कि यहां के नेतागण क्या ऐसे लोकसेवक को यहां टिकने देंगे ??? जिला मुख्यालय को शहरी स्वरूप प्रदान करने वाली कर्तव्यनिष्ठ आईएएस कमिश्नर छवि भारद्वाज को कुछ समय बाद ही स्थानांतरित करवा दिया गया था।
