Newspost, Regional Desk, RB Singh ‘Raaz’, सीधी, मध्य प्रदेश.

मध्य प्रदेश में नये मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के कार्यभार संभालने के बाद प्रदेश की सरकार अपने कड़े और जनहित के मुद्दों को लेकर काफी आक्रामक दिखने लगी है। अपराधियों के आशियाने पर यूपी के तर्ज पर बुलडोजर चलने लगे हैं तो दूसरी ओर अन्नदाता को फसल के नुकसान से बचाने के लिए भी अब किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग जाग उठा है। 

विभाग के उप संचालक सीधी ने जानकारी देकर बताया है कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अन्तर्गत सीधी जिले में एग्रीकल्चर इश्योरेस कम्पनी ऑफ इंडिया लिमिटेड के माध्यम से किसानों को फसल बीमा योजना का लाभ दिया जा रहा है। इस योजना के तहत रबी 2023 सीजन के लिए सभी ऋणी, अऋणी किसान 31 दिसम्बर 2023 तक फसल बीमा करा सकते है। जिला स्तर पर मंसूर, पटवारी हल्का स्तर गेहूं, चना, सरसों, तहसील स्तर पर असली की फसल अधिसूचित किया गया है। उनके प्रीमियम एवं बीमित राशि प्रति हेक्टेयर अनुसार दर निर्धारित की गई है। गेहूं सिंचित 626.77 प्रति हेक्टेयर, गेहूं असिंचित 465.55 प्रति हेक्टेयर, चना 448.75 प्रति हेक्टेयर एवं राई व सरसों 468.66 प्रति हेक्टेयर, असली 408.55 प्रति हेक्टे, मसूर 426.85 प्रति हेक्टेयर दर निर्धारित है।

उप संचालक किसान कल्याण तथा कृषि विकास संजय कुमार श्रीवास्तव ने बताया  कि ऋणी किसानों का फसलबीमा संबंधित बैंक शाखा द्वारा अनिवार्य रूप से करा दिया जाता है एवं अऋणी किसान फसल बीमा के लिए बैंक, जनसेवा केन्द्र सी.एस.सी.  के माध्यम से अपनी फसलों का बीमा करा सकते है। किसानों को बीमा कराने के लिए अनिवार्य दस्तावेजरू- आधार नम्बर, बैंक पासबुक जिसमें किसान का नाम व खाता नम्बर, आईएफएससी कोड, खसरा बी-1 नवीनतम, बुआई प्रमाण दर एवं किराएदार किसान के लिए किराएनामों का शपथ पत्र होना अनिवार्य है।

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