📌देश के सबसे बड़े नगरीय विस्थापन के लिये टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ़ सोशल सर्विसेज (TISS) को एनसीएल ने सौंपा है भौतिक सर्वेक्षण का कार्य
Newspost, MP-Regional Desk.
सिंगरौली, मध्य प्रदेश। बुधवार, 03 जुलाई '24 को सिंगरौली पुनर्स्थापना मंच (SPM) के वरिष्ठ सदस्यों ने जयंत में टीआईएसएस (TISS) की टीम से भेंट की और कोयला खदान विस्तार के लिये संभावित देश के सबसे बड़े नगरीय विस्थापन के संबंध में अपने 24 सूत्रीय मांगों से अवगत कराया तथा चर्चा करते हुए कहा कि अब तक एनसीएल प्रबंधन ने इन जायज मांगों पर अपना रुख स्पष्ट नहीं किया है। इस स्थिति के विवादग्रस्त रहने तक टीआईएसएस टीम को नापी सर्वे नहीं करना चाहिए।
इस पर टीआईएसएस टीम के लोगों ने यह जानकारी अपने उच्चाधिकारियों को साझा करने की बात कही। एनसीएल ने मोरवा नगर के विस्थापन के संबंध में इस कंपनी को सर्वेक्षण के लिए अनुबंधित किया है। सर्वे कार्य के लिए कुल 42 लोगों की टीम में 4 अधिकारी एवं 38 महिला पुरुष कर्मचारी शामिल बताए जा रहे हैं।

इस मीटिंग में एसपीएम पदाधिकारियों ने टीआईएसएस टीम के मुखिया और सदस्यों से बातचीत करते हुए अपने 24 सूत्री मांगों को उनके समक्ष रखा, जिसे उन्होंने बड़ी गंभीरता से लिया और एनसीएल के विरोधाभाषी रवैया को समझा। इस दौरान मंच के सभी सदस्यों ने उनसे अनुरोध किया कि जब तक एनसीएल उनकी 24 सूत्री मांगों को नहीं मान लेता तब तक टीम नापी सर्वे करने न आए।
एसपीएम के पदाधिकारियों की मानें तो चर्चा के दौरान टीआईएसएस के कर्मियों ने उन्हें बताया कि एनसीएल प्रबंधन ने उन्हें इन बातों की जानकारी दिए बिना नापी करने और सभी से नापी से संतुष्ट होने के कथन के साथ हस्ताक्षर करवाने के लिए कहा है। दूसरी ओर सूत्रों के अनुसार कलेक्ट्रेट से पटवारी व अन्य कर्मचारियों की नियुक्ति नापी के संबंध में अभी तक नहीं की गई है। कयास लगाए जा रहे हैं कि 2 - 3 दिन में टीआईएसएस मुंबई की टीम एनसीएल एवं जिला प्रशासन की टीम के साथ विस्थापन किये जाने वाले नगर निगम सिंगरौली के विभिन्न वार्डों में भूमि और संपत्तियों का भौतिक सर्वेक्षण का कार्य शुरू कर सकती है।
