सरई में आयोजित श्रीराम कथा के छठवें दिन रामवन गमन व केवट संवाद से भावुक हुए श्रोता
Newspost, Religion and Culture. Bihari Lal Gupta
सिंगरौली, MP। सरई के राधा कृष्ण मंदिर बनियान तालाब में श्रीराम कथा भागवत व श्री हनुमान मारुति यज्ञ चल रहा है। श्री राम कथा के छठवें दिन अंतरराष्ट्रीय कथा वाचिका ममता पाठक जी ने कहा कि रामचरित मानस पढ़ लेना ही काफी नहीं उसे आत्मसात करने की जरूरत है, इसलिए आप लोग रामचरित मानस को सिर्फ़ पढ़ने व सुनने तक ही सीमित ना रहें, प्रयास करें कि रामचरित मानस को अपने जीवन में आत्मसात करें उतारें।
इस युग में भरत जैसा भाई मिलना मुश्किल-
रामकथा के छठवें दिन राम वनवास और राम-केवट संवाद की कथा के प्रसंग ने श्रोताओं को भावुक कर दिया। उन्होंने कहा कि भरत जैसा भाई इस युग में मिलना मुश्किल है। राम-केवट संवाद का प्रसंग सुनकर भक्त भाव-विभोर हो गए। भगवान राम मर्यादा स्थापित करने को मानव शरीर में अवतरित हुए। पिता की आज्ञा पर वह वन चले गए। भगवान राम वन जाने के लिए गंगा घाट पर खड़े होकर केवट से नाव लाने को कहते हैं, लेकिन केवट मना कर देता है और पहले पैर पखारने की बात कहता है। केवट भगवान का पैर धोए बिना नाव में बैठाने को तैयार नहीं होता है। भगवान प्रेम भाव देने वाले का हमेशा कल्याण करते हैं। कहा कि भरत ने भगवान राम के वनवास जाने के बाद खड़ाऊं को सिर पर रखकर राजभोग की बजाय तपस्या की। कहा कि जीवन में भक्ति और उपासना का अलग महत्व है। निष्काम भाव से भक्ति करने वाले की सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं।

कथा में भक्तों की भारी भीड़ जुटी रही इसके साथ ही कथा वाचिका ममता पाठक ने कई अन्य विषयों प्रवचन करते हुए विविध प्रसंगों को सुनाया, वही कार्यक्रम के अंत में आरती कर प्रसाद वितरण किया गया। कथा के छठवें दिन देवसर विधायक राजेंद्र मेश्राम,जनपद सदस्य गन्नई रामधनी यादव, तहसीलदार सरई चंद्रशेखर मिश्रा, थाना प्रभारी सरई ज्ञानेंद्र सिंह, श्यामू जायसवाल, रोशनलाल गुप्ता, अनिल दुबे, धीरेन्द्र द्विवेदी, रमा गुप्ता सहित हजारों की संख्या में भक्त उपस्थित रहे।
