श्रमिक संगठनों ने कहा- E 1 और A की तुलना बेमानी

Newspost, Corporate Desk, Kolkata/Singrauli.

कोल इंडिया प्रबंधन व श्रमिक संगठनों के बीच गत दिनों हुआ वेतन समझौता, ‘JBCCI XI’ के अभी तक लागू नहीं होने से हजारों श्रमिकों में असंतोष और निराशा व्याप्त है। चुंकि मामला न्यायालय में चला गया है और कोर्ट ने भारत सरकार के लोक उद्यम विभाग (DPE, Department of Public Enterprises) को वेतन विसंगति को 60 दिन में दूर करने हेतु निर्देशित किया था। अब डीपीई के निर्देश पर कोल इंडिया ने श्रमिकों के ए- 1 पद को समाप्त करने के विषय में ट्रेड यूनियनों से सहमति मांगी है।

इस पर यूनियनों ने फिलहाल कोई निर्णय नहीं लिया है। अलबत्ता यह कहा है कि वे अपने अपने संगठन से बात करेंगे तथा श्रमिकों की मंशा को समझने के बाद ही अपनी राय से प्रबंधन को अवगत कराएंगे। 

श्रमिकों को 30- 35 साल की लंबी सेवा के बाद ए- 35 पद पर रुपये 71 हजार के मानदेय पर पदोन्नत किया जाता है। दूसरी ओर अधिकारियों को कोल इंडिया ई- 1 पद पर ₹ 40 हजार के बेसिक पर भर्ती किया जाता है तथा एक साल बाद उन्हें ई- 2 पद पर ₹ 50 हजार के मानदेय पर पदोन्नत कर दिया जाता है।

श्रमिक संगठनों का कहना है कि 30-35 साल की सेवा के बाद श्रमिक A-1 श्रेणी में पहुंचता है। जबकि अधिकारियों के नियुक्ति की पसली सीढ़ी E-1 है। इसलिये यह तुलना पूरी तरह गलत व बेमानी है।

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