State Desk, NPG Media, इंदौर.
मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान में होने जा रहे विधानसभा चुनावों को लेकर पुलिस ने सक्रियता बढ़ा दी है। शनिवार को इन तीनों राज्यों के अलावा उत्तर प्रदेश, गुजरात एवं महाराष्ट्र राज्यों के पुलिस महानिदेशकों ने इंदौर में राज्य स्तरीय सीमा समन्वय बैठक की। सभी राज्यों के अधिकारियों ने अपने-अपने प्रदेश में सक्रिय माफिया और वांछित अपराधियों का डाटा एक दूसरे के साथ साझा किया। बैठक में सीआइडी, इंटेलिजेंस और कानून व्यवस्था से जुड़े अफसर भी शामिल थे। इन सभी एक दूसरे राज्यों की सीमा को साझा करते हैं।
मध्य प्रदेश में इस वर्ष नवंबर में विधानसभा चुनाव होना है। चुनावों में गड़बड़ी न हो, इसलिए चुनाव आयोग ने सीमावर्ती राज्यों के पुलिस अधिकारियों को समन्वय के निर्देश दिए हैं।
शनिवार को मध्य प्रदेश, राजस्थान, गुजरात, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़ और उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक इंदौर पहुंचे। सभी राज्यों की सीमाएं एक दूसरे राज्यों से जुड़ी हुई है। चुनावों के दौरान हथियार, शराब, नकदी आसानी से पहुंचाई जा सकती है। बैठक में इसे रोकने की रूपरेखा बनाई गई।
पोर्टल बनाकर जरूरी जानकारी करेंगे साझा
बैठक में यह भी तय हुआ कि इन राज्यों का एक पोर्टल बना लिया जाएगा, जिसमें जरूरी जानकारी साझा की जा सके। सीमावर्ती जिलों के एसडीओपी-टीआई आपस में तालमेल बनाएंगे ताकि अपराधी को आसानी से पकड़ा जा सके। वाट्सएप ग्रुप भी बनेंगे ताकि घटना होते ही सीमा सील कर दी जाए। नक्सली इलाकों में कामन आपरेशन चलाने पर भी सहमति बनी।
ये अधिकारी बैठक में हुए शामिल
बैठक में छत्तीसगढ़ पुलिस महानिदेशक अशोक जुनेजा, गुजरात पुलिस महानिदेशक विकास सहाय, राजस्थान पुलिस महानिदेशक उमेश मिश्रा, उत्तर प्रदेश एडीजी आलोक सिंह, महाराष्ट्र पुलिस महानिदेशक रजनीश सेठ, राजस्थान एडीजी (एडमिन) राजीव कुमार शर्मा, एडीजीपी (अपराध) दिनेश एमएन, आइजी (कानून) गौरव श्रीवास्तव, छग के आइजी (एसआइबी) ओपी पाल, उप्र के एडिशनल एसपी ओमप्रकाश सिंह, असीम चौधरी, मप्र स्पेशल डीजीपी (सीआइडी) जीपी सिंह, आइजी (कानून) अनुराग और पुलिस आयुक्त इंदौर मकरंद देऊस्कर, आइजी राकेश गुप्ता मौजूद थे।
बैठक में हुई खास बातें
सीमावर्ती इलाके के थाना प्रभारी वाट्सएप ग्रुप बनाएंगे। मैसेज मिलते ही सीमा सील कर दी जाएगी।
इलाके में सक्रिय माफिया और वांछित अपराधियों का डाटा एक-दूसरे से साझा करते रहेंगे।
सीमावर्ती इलाकों के अपराधियों को पकड़ने के लिए संयुक्त आपरेशन चलेगा।
मप्र, छग, महाराष्ट्र के वामपंथी उग्रवाद प्रभावित इलाकों में प्रभावी कार्रवाई होगी।
अवैध शस्त्र, शराब माफियाओं के विरुद्ध कार्रवाई होगी।
अंतरराज्यीय नाकाबंदी के लिए चौकियां बनेंगी।
