आज का संदेश

         जिस प्रकार गंगा जी में मिलते ही सामान्य जल भी गंगा जैसा पवित्र हो जाता है। ठीक इसी प्रकार जीव तभी तक अपवित्र है जब तक वह भगवान से सम्बंध नहीं रखता है। श्रीकृष्ण बड़े कृपालु हैं। जीव किसी भी भाव से उनकी शरण में आ जाए वे उसका कल्याण कर ही देते हैं।

        गीता में भगवान् अर्जुन को यही कहते हैं कि मेरी कृपा के बिना, मेरा आश्रय लिए बिना, मेरा भजन किये बिना मेरी बनाई हुई माया से कोई मुक्त नहीं हो सकता है। कैसे भी प्रभु में हमारा चित्त लग जाए। एक बार उनसे सम्बंध बन जाये तो फिर कल्याण होने में देर नहीं लगती। 

      आजकल जगह-जगह लिखा होता है "आप कैमरे की नज़र में हैं" यह पढ़ते ही हम सावधान हो जाते हैं और गलत काम से परहेज करते हैं, जबकि ये इंसान द्वारा बनाया गया मात्र एक उपकरण है। लेकिन  ये भूल जाते हैं कि हम हर समय ईश्वर की नज़र में हैं, और वहाँ की नज़र न खराब होती है न बंद होती है, यानी बचने का कोई तरीका नहीं है।  इसलिए यह हमेशा ध्यान में रहे, कि हम हमेशा ईश्वर की नजर में हैं।

सुरपति दास
इस्कॉन

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