🪷 सुंदर शाह को जिम्मेवारी उठाने व सहजता का मिला लाभ, कैसे बैठाएंगे तालमेल यह समय बताएगा…
Newspost, Political/Editorial Desk. @rohitgupta
मध्य प्रदेश के लिये सिंगरौली जिला न केवल आर्थिक विषयों के लिये महत्वपूर्ण है, अपितु राजनीति के मामलों में भी इसका प्रभाव कम से कम 5 विधानसभा एवं एक लोकसभा की सीट पर पड़ता रहा है। ऐसा कयास लगाया जा रहा था कि यहाँ से किसी अविवादित चेहरे को ढूंढ़ा जाएगा। प्रदेश में नया जिला मऊगंज को बनाने के बाद जब वहां डॉ राजेंद्र मिश्रा को अध्यक्ष बना दिया गया तभी यह स्पष्ट हो गया था कि सिंगरौली जिलाध्यक्ष पिछड़ा वर्ग से हो सकता है। चर्चा में इस बार सुरेन्द्र बैस का नाम बहुत ऊपर तक उछला जरूर था, लेकिन पार्टी व दायित्व छोड़ने से संबंधित उन्ही की चिट्ठी उनके राह के रोड़ा बन गये। अंतत: शीर्ष नेतृत्व ने पिछले दो अध्यक्षों के कार्यकाल में संगठन के दायित्वों का सम्यक निर्वाह करते हुए सुंदर शाह ने अपनी मौन दावेदारी प्रस्तुत की थी जिसे पार्टी ने स्वीकार किया और आज मकर संक्रांति के दिन सिंगरौली जिलाध्यक्ष के रूप में उनके नाम की घोषणा कर दी है।
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