संबंधित बैंक अथवा NBFC से क्रॉस चेक किये बिना न दें अपना विवरण
Economic Desk, (NPG Media).
माना कि आप आर्थिक आवश्यकताओं के दबाव में हैं और किसी सरल विकल्प और कम ब्याज दर पर ऋण उपलब्ध कराने वाले बैंक अथवा किसी संस्था को तलाश रहे हैं। साइबर यानी आपके मोबाइल फोन पर बहुत तरह की सूचनाएं मिलती रहती हैं। उनमें से सही और ठगी से संबंधित सूचनाओं को परखने की जिम्मेदारी आपकी ही है।
साइबर अपराधियों से बचने के लिये टिप्स:
सबसे पहले लोन देने वाले ऐप या कंपनी के बारे में ये जांच करें कि क्या वह आरबीआई (RBI) की अनुमति से लोन दे रही है या नहीं। यदि कोई लोन ऐप किसी बैंक (Bank) या एनबीएफसी (NBFC) के नाम पर कर्ज बांटने का दावा करती है तो संबंधित बैंक या एनबीएफसी से क्रॉस चेक जरूर करें। जो ऐप आपको लोन दे रही है, उसकी ब्याज दरें (interest rate) पहले से निर्धारित करा लें और उसका एक एग्रीमेंट (agreement) भी करा लें। ताकि बाद में आपसे ज्यादा ब्याज की वसूली न हो सके। इसके अलावा अगर कोई लोन ऐप भुगतान की अवधि और भुगतान के तरीकों के बारे में पहले से ही स्पष्ट रूप से जानकारी नहीं देती है, तो ऐसे लोन ऐप का प्रयोग न करें। ऐप से लोन लेने से पहले ब्याज दर को लेकर चीजें स्पष्ट की जानी बहुत जरूरी हैं।
यदि कोई ऐप कह रही है कि वह 4 % ब्याज दर पर कर्ज देगी। तो यह जरूर पूछें कि ब्याज मासिक लगेगा या वार्षिक। कुछ ऐप दावा करते हैं कि 5 फीसदी ब्याज दर पर कर्ज देंगे और बाद में पता चलता है कि ये दर मासिक थी। इस तरह वो सालाना 60 फीसदी ब्याज लेती है। ऐसे लोन ऐप जो प्रोसेसिंग शुल्क के नाम पर ज्यादा रुपये मांगते हों या प्री-पेमेंट अथवा प्री-क्लोजर फीस ज्यादा मांगते हैं, उन पर यकीन न करें।
