MaithiliSharanGupt: राष्ट्रकवि मैथिलीशरण गुप्त की जयंती पर नमन!!!
राष्ट्रकवि मैथिलीशरण गुप्त
24×7 Web Journal by Journalists.
Art Teacher Chitera with his Painting.
Gopal Das Neeraj (4 Jan 1925- 19 July 2018)
बरसा पानी, बही झोपड़ी खेत खेत अब पानी है!!नाले भी तालाब बन गए, कांधे कांधे पानी है!! पहले आंख तरेरा सूरज,आज बादलों की बारी है,मुझ निर्धन के स्वप्न बह गए,…
? सामयिक साहित्य थक गए है पांव चलते,छांव अब मिलती नहीं है!!मुरझा रहे है पेड़ देखोधूप अब खिलती नहीं है!!हाथ में आरी सभी केखुरपियां दिखती नहीं हैं!!बाग से खुशबू नदारद,पंखुड़ी…