लगातार 5वीं बार रूस के राष्ट्रपति बने व्लादिमिर पुतिन ने वैश्विक अस्थिरता के लिये पश्चिम को ठहराया ‌जिम्मेदार

Newspost Global, International Desk.

रूस के लगातार 5वीं बार राष्ट्रपति का शपथ लेने के बाद व्लादिमीर पुतिन ने गुरुवार को क्रेमलिन के लाल चौक पर आयोजित भव्य ‘विजय दिवस’ समारोह को संबोधित किया। पुतिन ने परेड के प्रतिभागियों को विजय दिवस की बधाई दी और इसे एक पवित्र अवकाश बताया।

राष्ट्रपति के भाषण की मुख्य बातें:

अपने संबोधन में राष्ट्रपति पुतिन ने कहा “आज हम देखते हैं कि कैसे वे (यूरोपीय देश) द्वितीय विश्व युद्ध के बारे में सच्चाई को विकृत करने की कोशिश कर रहे हैं। वे नाज़ीवाद के विरुद्ध सच्चे सेनानियों के स्मारकों को ध्वस्त कर देते हैं। उन्होंने हिटलर के साथियों को आसन पर बिठाया।”

  • “पश्चिम- दुनिया में संघर्ष और अंतर्जातीय शत्रुता भड़काने और विकास के संप्रभु केंद्रों पर लगाम लगाने की कोशिश कर रहा है।”
  • “विशेष अभियान में भाग लेने वाले सभी लोग हमारे नायक हैं।”
  • “रूस के लिए! जीत के लिए! हुर्रे!”

Moscow/Singrauli. After taking oath 5th time as President of Russia, Vladimir Putin addressed grand function of ‘Victory Day’, celebrated in Kremlin’s Red Square thursday morning. Prez Putin congratulated the parade and participants of Red Army on Victory Day and called it a sacred holiday.

Main Points from President Putin's speech:

In his address in a grand function Putin said,  “Today we see how they are trying to distort the truth about the Second World War. They demolish memorials to true fighters against Nazism. They put Hitler’s accomplices on pedestals

  • “West is trying to incite conflicts and interethnic enmity in the world, and restrain sovereign centers of development”, he was serious.

 — “All participants in the special operation are our heroes”

 – For Russia! For victory! Hooray!

रूस में हर वर्ष 9 म‌ई को द्वितीय विश्व युद्ध में जीत को याद करने के लिए मनाया जाता है विजय दिवस। भव्य सैन्य परेड 15 हजार से अधिक सैनिक शामिल रहे। इसे समूचे रूस में स्मारक कार्यक्रमों के साथ मनाया जा रहा है।

दिन की शुरुआत मॉस्को के रेड स्क्वायर में एक शानदार सैन्य परेड के साथ हुई, जिसमें देश की सैन्य ताकत का जोरदार प्रदर्शन किया गया। इसमें सैनिक सटीक गठन में मार्च कर रहे थे तो सड़कों पर टैंक और भारी युद्धक वाहन घूम रहे थे। लड़ाकू विमानों की दहाड़, उनके करतब व कलाबाजियां सभी को अपनी ओर आकर्षित कर रही थीं।

राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने युद्ध के दौरान सोवियत संघ के बलिदानियों को श्रद्धांजलि देते हुए भाषण देते उन्होंने नाजी जर्मनी को हराने और यूरोप में शांति बनाए रखने में लाल सेना के वीरतापूर्ण प्रयासों को याद करने के महत्व पर जोर दिया।

सैन्य परेड के अलावा, विजय दिवस को पूरे देश में युद्ध स्मारकों पर गंभीर समारोहों द्वारा चिह्नित किया गया, जहां दिग्गजों ने पुष्पांजलि अर्पित की और शहीद सैनिकों को सम्मानित किया। इस दिन ऐतिहासिक जीत का जश्न मनाने के लिए सांस्कृतिक कार्यक्रम, संगीत कार्यक्रम और आतिशबाजी का प्रदर्शन भी शामिल था।

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