State Desk, हल्द्वानी (उत्तराखंड).
गर्ल फ्रेंड ने नए बॉय फ्रेंड के साथ रचा फूलप्रूफ प्लान, जहरीले सांप को बनाया वीपन ऑफ मर्डर
पहाड़ों की रानी नैनीताल की एक ब्लाइंड मर्डर की मिस्ट्री का परत दर परत जब खुलासा हुआ तो सुनने वाले चौंक गये। आपको बताते हैं नैनीताल के एक प्रतिष्ठित व्यवसायी के पुत्र अंकित चौहान की हत्या की गहरी साजिश और उसके खुलासे के बारे में..
अंकित चौहान की हत्या करने के लिए उसी की प्रेमिका माही उर्फ डॉली आर्या ने अजब षड़यंत्र रचा। उसने इस काम के लिए एक संपेरे को हायर किया और फिर विषैले नाग (cobra) से डंसवाकर अंकित की हत्या कर दी। इस हत्याकांड में माही का साथ उसके नए प्रेमी दीप कांडपाल, नौकरानी ऊषा देवी और नौकरानी के पति राम अवतार ने दिया।
पुलिस ने कोबरा सांप से डंसवाने वाले संपेरे रमेश नाथ को तो गिरफ्तार कर लिया, लेकिन हत्या में सम्मिलित 4 आरोपी फरार हो चुके थे। जानकारी मिली है कि चारों नेपाल भाग गये हैं।
सीसीटीवी फुटेज से मिला पहला सबूत:
बताया गया है कि रामबाग कॉलोनी रामपुर रोड निवासी 30 वर्षीय अंकित चौहान की 15 जुलाई को तीन पानी रेलवे क्रॉसिंग के पास अपनी ही कार की पिछली सीट पर लाश मिली थी। व्यवसायी अंकित के मृत्यु का कारण पहले कार की एसी (एयर कंडीशनर) से निकलने वाली कार्बन मोनो ऑक्साइड गैस को माना जा रहा था, लेकिन पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में अंकित के दोनों पैरों पर सांप के डंसने की बात सामने आई। इससे मौत की गुत्थी और भी ज्यादा उलझ गई और अंकित की स्वाभाविक मौत ने हत्या का रूप ले लिया। तब पुलिस ने तीनपानी में लगे सीसीटीवी कैमरों को खंगाला तो पाया कि अंकित की कार के पास एक और कार खड़ी हुई थी।
सीसी टीवी के सीडीआर से हुआ षड़यंत्र का पटाक्षेप:
एसएसपी पंकज भट्ट ने बताया कि अंकित के मोबाइल की कॉल डिटेल और पुलिस टीमों द्वारा एकत्र की गई सूचनाओं के आधार पर यह उजागर हुआ कि मृतक अंकित का किसी महिला के साथ संबंध था और वह महिला अपने एक साथी के साथ मिलकर अंकित को काफी समय से ब्लैकमेल कर रही थी। इस तथ्य पर जांच को केंद्रित करते हुए पुलिस की सभी टीमें सक्रिय हुईं तब पता चला कि मृतक अंकित चौहान का माही नामक एक महिला के साथ मित्रता थी। घटना के दिन अंतिम समय वह माही के घर के लिए निकला था और अगले दिन उसका शव कार से बरामद हुआ था। इस तरह बरेली रोड स्थित गोरा पड़ाव की रहने वाली माही उर्फ डॉली आर्या शक के घेरे में आ गई।
एसएसपी ने बताया कि, अंकित की मृत्यु के बाद उसकी बहन ईशा चौहान पहले ही माही और दीप कांडपाल के विरुद्ध अंकित की हत्या करने से संबंधित शिकायत हल्द्वानी कोतवाली में दर्ज करा दिया था। इसके बाद अंकित व माही के साथ अन्य संदिग्धों की कॉल डिटेल की जांच करने पर कुछ संदिग्ध नंबरों की डिटेल निकालकर उनकी तलाश करने के क्रम में पुलिस को पता चला कि घटना के दिन माही (girl friend) लगातार एक नंबर के सम्पर्क में थी और वह नंबर रमेश नाथ के नाम से था। पता किया गया तो जानकारी मिली कि रमेश नाथ एक संपेरा है जो हल्द्वानी में किराये के मकान में रहता था। शक होने पर रमेश नाथ को हल्द्वानी से पकड़ा गया। सख्ती से पूछताछ में वह टूट गया और हत्या की साजिश का खुलासा कर दिया।
आगे की कहानी..
संपेरे का नाम सामने आते ही हत्या की तस्वीरें साफ होने लगी। तलाश में जुटी पुलिस ने सपेरे रमेश नाथ को गिरफ्तार किया तो सारा मामला खुल गया। संपेरे रमेश नाथ ने बताया कि अंकित की हत्या माही के घर में ही की गई थी, जिसमें माही के साथ खुद संपेरा, माही का कथित बॉयफ्रेंड दीप कांडपाल, नौकरानी ऊषा देवी व ऊषा का पति राम अवतार भी शामिल थे। रमेश नाथ ने ही बताया कि अन्य चारों देश छोड़ कर नेपाल फरार हो चुके हैं।
संपेरे रमेश नाथ का बयान:
आरोपी रमेश नाथ ने पुलिस को बताया कि वह हल्द्वानी में घर-घर जाकर मांगने, खाने और सांप पकड़ने का काम करता है। लगभग 7-8 महीने पहले हल्द्वानी के एक व्यक्ति ने उसे माही से मिलवाया था। यह कहा गया था कि लड़की पर कालसर्प योग है। इसलिए पूजा के लिए एक नाग पकड़कर लाना है। इसके कुछ समय बाद रमेश का माही के घर आना जाना हो गया। रमेश नाथ ने बताया कि माही के घर पर अक्सर अंकित चौहान, दीप कांडपाल, उसकी नौकरानी व नौकरानी का पति रामऔतार आते रहते थे। लगभग 20-25 दिन पहले माही और दीप कांडपाल ने रमेश से कहा कि अंकित चौहान ने माही को परेशान कर दिया है। वो कभी भी माही के घर पर आ जाता है और शराब पीकर मारपीट करता है।
दीप ने कहा कि माही अब उससे प्यार नहीं करती, लेकिन अंकित चौहान पीछा नहीं छोड़ रहा है, इसलिए अंकित को निपटाना होगा। इस काम के लिए रमेश से जहरीला सांप पकड़ कर लाने को कहा गया। यह प्लान बना कि अंकित चौहान को किसी बहाने से माही के घर बुलाकर उसे नींद की गोलियां देकर बेहोश करेंगे फिर सांप से उसे कटवा देंगे। इस काम के लिए रमेश को 10 हजार रुपये देने की बात तय हुई। माही की नौकरानी और उसके पति राम अवतार को भी दस-दस हजार रुपये देने की बात कही गई।
रमेश ने कई दिन पहले जंगल से पकड़ा था जहरीला नाग:
साजिश को पूरा करने के लिए रमेश ने 15-20 दिन पहले जंगल से एक जहरीले नाग को पकड़कर अपने पास रख लिया था और इसकी जानकारी माही और उसके साथियों को दे दी थी। उसने बताया कि 8 जुलाई को हत्या के प्लान को पूरा करने का दिन तय किया गया था, क्योंकि उस दिन अंकित का जन्मदिन था। उस दिन रमेश को कहा गया कि वो माही के घर पर छिपा रहे, उसे मौका देखकर बुलाया जाएगा। सब लोग खाना पीना खाकर शराब पीकर रात भर नाचते रहे। जब काफी देर तक अंकित चौहान सोया नहीं तो माही ने रमेश से कहा कि आज मौका नहीं है, किसी और दिन प्लान पूरा करते हैं।
हाथ-पैर को कस कर पकड़ा फिर सांप से डंसवाया:
इसके बाद 14 जुलाई को माही ने रमेश को सांप के साथ अपने घर पर बुलाया। माही के घर पर दीप कांडपाल, राम अवतार और उसकी पत्नी भी मौजूद थे। सभी को अंदर छिपने को कहा गया। अंकित को शराब में मिलाकर नशे की गोलियां दी गईं। रात लगभग 8 बजे माही ने सभी को आवाज देकर बुलाया। चारों ने अंकित को बेड पर पेट के बल लिटा रखा था। रमेश को कहा गया कि अब अंकित के पैरों में सांप से डंसवा दे। सांप से डंसवाने के बाद भी कुछ देर तक अंकित के शरीर में हरकत होती रही। तब दोबारा अंकित के पैर में सांप से डंसवाया गया। इस बीच चारों ने अंकित के मरने तक उसको दबाए रखा।
हत्या को हादसा बनाने की कोशिश :
पुलिस ने बताया कि दीप और रमेश, अंकित के शव समेत कार को खाई में धकेलना चाहते थे, लेकिन रोड पर आवाजाही के कारण अपने मकसद को अंजाम नहीं दे पाये। अंत में दीप और रमेश ने कार को तीन पानी बाईपास रेलवे क्रॉसिंग पर खड़ी कर दी और इसकी जानकारी माही को दी। इसके बाद माही, ऊषा और राम अवतार के साथ टैक्सी बुक करके रेलवे क्रॉसिंग पर पहुंची और अंकित की कार में एसी ऑन करके उसे वहीं छोड़ दिया, क्योंकि लगे कि अंकित की मौत एसी के कार्बन मोनो ऑक्साइड गैस से हुई है।
टैक्सी लेकर भाग गये आरोपी:
रमेश ने पुलिस को बताया कि माही ने पहले से ही दिल्ली से टैक्सी मंगा रखी थी। उससे सभी लोग हल्द्वानी से भाग गए। भागते समय रास्ते में जंगल में रमेश ने सांप को छोड़ दिया। माही ने रास्ते में रमेश को हत्या में सहयोग करने के लिए दस हजार रुपये दिये। बरेली में सपेरे रमेश के उसके घर छोड़ा और फिर चारों नेपाल भाग गए। रमेश अपने गांव जाकर हल्द्वानी आया ही था कि पुलिस ने उसे पकड़ लिया। एसएसपी पंकज भट्ट ने बताया कि, पुलिस ने संपेरे रमेश को गिरफ्तार कर उससे मोबाइल और 10 हजार रुपए भी बरामद किए गए हैं।
मोबाइल से पुलिस को मिली लीड:
पुलिस ने बताया, माही को पता था कि अगर पुलिस से बचाना है तो मोबाइल फोन बंद रखना होगा। यही कारण था कि घटना के बाद से ही माही सभी को मोबाइल फोन बंद रखने की हिदायत बार-बार दे रही थी। लेकिन चारों के नेपाल के लिए रवाना होते ही संपेरे रमेश ने अपना मोबाइल ऑन कर दिया। बस यहीं से पुलिस को पहली लीड मिली. पुलिस को पहले ही माही की कॉल डिटेल से सपेरे का नंबर मिल चुका था और नंबर सर्विलांस पर है। रमेश का मोबाइल ऑन होते ही पुलिस को उसकी लोकेशन मिली और वह पकड़ा गया।
बताया जा रहा है कि अंकित चौहान काफी समय से माही के संपर्क में था। अंकित जो माही का एक्स बॉयफ्रेंड था, फिर से माही के जीवन में हस्तक्षेप कर रहा था और यही बात माही को नागवार गुजर रही थी। जानकारी के मुताबिक, हत्या से करीब 10 दिन पहले माही ने अंकित के घर पहुंचकर जमकर हंगामा भी किया था। इसके बाद से ही माही, अंकित की हत्या करने की साजिश रच रही थी। हत्या के बाकी चार आरोपी फिलहाल भारतीय सीमा से बाहर हैं। ऐसे में पुलिस के लिए उनकी गिरफ्तारी चुनौती बनी हुई है। पुलिस टीम उनकी गिरफ्तारी के लिए प्रयास कर रही है।
