असलहों की सौदेबाजी में हुई थी हत्या, अवैध पिस्टल व जिंदा कारतूस भी बरामद
Newspost, MP Regional Desk. रीवा/सिंगरौली।
📌मध्यप्रदेश का रीवा डिविजन कभी सबसे पिछड़ा माना जाता था। लेकिन पिछले कुछ दशकों में इस संभाग ने एमपी के रेवेन्यू में यहाँ चल रहे उद्योग एवं कोयले की खदानों की वजह से अग्रणी क्षेत्र में शुमार हो गया। पुलिस, राजस्व से लेकर, वन, परिवहन और खासकर खनिज व पर्यावरण विभाग में पदस्थापना के लिए कर्मचारियों ने जैसे जैसे बोली बढ़ाई वैसे ही इस संभाग में अपराध और अपराधी भी अपग्रेड होने लगे। पहले यहाँ होने वाले फौजदारी के मामलों में लाठी डंडा, कुल्हाड़ी फावड़ा व बलुआ जैसे अस्त्र ही प्रयोग किये जाते थे। लेकिन अब यहाँ अवैध ऑटोमेटिक शस्त्रों की भी एन्ट्री हो चुकी है। अवैध कोयला, कबाड़, नशीले पदार्थ, डीजल, खनिज के संरक्षित कारोबारियों और टेन्डर माफियाओं का बढ़ता नेटवर्क इसकी जड़ में हो सकता है।
हम जिस घटना को लेकर आए हैं उसके मूल की स्पष्ट जानकारी फिलहाल उजागर नहीं हुई है। लेकिन ऐसी घटनाएं चिंताजनक और कानून व्यवस्था की बिगड़ती स्थिति की ओर इशारा जरूर करता है।
घटना का सारांश
गत 4 अप्रैल को रीवा जिले के ग्राम सलैया में हुई एक युवक की हत्या मामले में रीवा पुलिस ने सिंगरौली के बरगवां थाना क्षेत्र से दो आरोपियों को हिरासत में लिया है। आरोपियों के कब्जे से एक अवैध असलहा, जिंदा कारतूस, एक कार, 3 मोबाइल बरामद कर जब्त किए गए हैं। रीवा पुलिस अधीक्षक विवेक सिंह, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रीवा के निर्देशन एवं एसडीओपी सिरमौर के मार्गदर्शन में बैकुंठपुर थाना प्रभारी निरीक्षक विजय सिंह बघेल एवं उनकी पुलिस टीम ने सलैया गांव में हुई अंधी हत्या का बड़ा खुलासा किया।
पुलिस द्वारा साझा विवरण
पुलिस द्वारा मीडिया से साझा की गई जानकारी में बताया गया है कि दिनांक 04.04.2025 को ग्राम सलैया में हुई अंधी हत्या के आरोपियों को 48 घंटे के अंदर गिरफ्तार कर लिया है। बताया गया है कि दिनांक 04.04.2025 को पुलिस को सूचना प्राप्त हुई थी कि ग्राम सलैया में अज्ञात 2 बदमाशों द्वारा एक व्यक्ति सत्यपाल सिंह उर्फ अर्पित सिंह निवासी ग्राम सलैया थाना बैकुण्ठपुर को गोली मार दी गई है। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। घटना में घायल युवक अर्पित सिंह को एसजीएमएच रीवा ले जाया गया, जहाँ चिकित्सकों द्वारा मृत घोषित कर दिया गया। पुलिस ने घटना पर कार्यवाही करते हुये अपराध कि धारा 103 (1) बीएनएस पंजीबद्ध कर संदेहियों को चिन्हित कर तलाश में जुट गई, तलाश के दौरान ही संदेही योगेश शुक्ला उर्फ मोहित हाल निवासी बरगवां सिंगरौली एवं संजय बसोर निवासी बरगवां सिंगरौली को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई।
आरोपियों का कथन !
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि मृतक सत्यपाल उर्फ अर्पित सिंह से आरोपियों को अवैध पिस्टल की खरीदी की कीमत को लेकर पैसे के लेन देन पर विवाद की स्थिति निर्मित हो गई थी। जिस पर आरोपियों ने उक्त घटना को अंजाम दिया, जो कि विधिवत कार्यवाही करते हुये उक्त आरोपी योगेश के कब्जे से घटना में प्रयुक्त एक नग देशी पिस्टल एवं दो नग जिंदा कारतूस एवं एक कार बरामद की गई है। यह जानकारी भी पुलिस द्वारा दी गई।
बरामदगी एवं कार्यवाही
इसके अलावा आरोपी योगेश शुक्ला उर्फ मोहित द्वारा घटना के बाद मृतक का मोबाइल उससे लेकर रास्ते में फेंक देना बताया गया था, उसे भी आरोपी की निशानदेही पर बरामद कर लिया गया। मामले में धारा 3(5) बीएनएस. 25, 27 आर्म्स एक्ट का इजाफा किया गया। वहीं अन्य आरोपी संजय बसोर की मोटर सायकिल जिसका उपयोग दोनों आरोपियों द्वारा घटना को अंजाम देने में किया गया था, अभी बरामद की जानी है। इस हेतु न्यायालय से आरोपियों को 2 दिन की पुलिस रिमाण्ड ली गई है। पुलिस अब पकड़े गए आरोपियों से और अधिक पूछताछ करेगी, जिसमें और भी मामले का खुलासा होने की संभावना जताई गई है।
आरोपियों से जब्त मशरूका
• एक अदद देशी पिस्टल
• 2 नग जिंदा कारतूस
• एक कार क्रमांक एमपी 17 सीसी 7916
• आरोपियों के कब्जे से 2 नग मोबाइल,
• मृतक का घटना स्थल से चुराया गया मोबाइल
