संत वाणी by Newspost Global, Presenter- Swami Dayanand Sharma
?️??? शुभ सोमवार ????️
प्रत्येक मनुष्य को अपने जीवन में श्रेष्ठत्व की प्राप्ति के लिए प्रतीक्षा, परीक्षा और समीक्षा इन तीन अवस्थाओं से गुजरना पड़ता है।
जीव भजन करे, साधन करे, सत्कर्म करे, पुरुषार्थ करे, कभी ना कभी फल अवश्य मिलेगा। प्रभु कृपा जरूर करेंगे मगर उसके लिए प्रतीक्षा करनी पड़ेगी।
दूसरी बात है परीक्षा- संसार की परीक्षा करते रहना। जितना जल्दी जान लोगे इससे मुक्त हो जाओगे। जानना ही मुक्त होने का मार्ग है। प्रभु की और संत की शरणागति ही विषाद से प्रसाद की ओर ले जाती है। संसार की परीक्षा करते-करते समय-समय पर स्वयं का भी परीक्षण एवं निरीक्षण करते रहें कि कहीं मैं अपने मार्ग से भटक तो नहीं रहा।
तीसरी बात है समीक्षा- अपनी निरंतर समीक्षा करते रहिये। भौतिक समृद्धि और आध्यात्मिक समृद्धि स्वयं के द्वारा ही प्राप्त होगी। एक ज्ञानी और महान व्यक्ति आत्मचिंतन करते- करते शिखर पर पहुँच जाता है। वहीं अज्ञानी स्वयं की बजाय दूसरों के गुण-दोष का चिंतन ही करते रहने के कारण अपने जीवन में कुछ श्रेष्ठ पाने से भी वंचित रह जाता है।
सुरपति दास
इस्कॉन
