भारतीय शक्ति चेतना पार्टी ने प्रधानमंत्री मोदी को संबोधित ज्ञापन में संसाधनों पर बढ़ते बोझ पर जताई गहरी चिंता
Newspost, Political Desk. Report- Bihari Lal Gupta.
सिंगरौली, मध्य प्रदेश। दुनिया के सबसे अधिक जनसंख्या वाले देश भारत की आबादी निरंतर बढ़ती जा रही है। उपलब्ध भू संसाधन के अनुपात में 10 गुनी अधिक हो चली रहवासियों की संख्या गंभीर भी है और चिंताजनक भी।
शुक्रवार को देश की बढ़ती जनसंख्या को लेकर चिंता व्यक्त करते हुए भारतीय शक्ति चेतना पार्टी सिंगरौली के जिलाध्यक्ष राजेश कुमार गुप्ता ने सचिव सत्येंद्र विश्वकर्मा, युवा मोर्चा उपाध्यक्ष रामबली पाल, महासचिव रामकुमार पाल, ब्लॉक अध्यक्ष अखिलेश शाह, अनिल शाह,जगदीश गुप्ता, रमेश प्रजापति के साथ कलेक्ट्रेट पंहुचकर अपर कलेक्टर माइकल तिर्की को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम संबोधित ज्ञापन प्रेषित किया। यह ज्ञापन केन्द्रीय कार्यालय के निर्देश पर सौंपा है।
बेरोजगारी, अशिक्षा, कुपोषण, पर्यावरणीय संकट और सामाजिक विषमता जैसी विकरालता जनसंख्या विस्फोट का परिणाम
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को संबोधित ज्ञापन में केंद्र सरकार से आग्रह किया गया है कि जनसंख्या नियंत्रण कानून बनाकर शीघ्र उसे देशभर में प्रभावी ढंग से लागू करें। पार्टी ने ज्ञापन के माध्यम से यह स्पष्ट किया कि भारत की जनसंख्या वर्तमान में लगभग 146 करोड़ को पार कर चुकी है, जो विश्व की कुल जनसंख्या का 20 प्रतिशत है। जबकि देश के पास मात्र 2 प्रतिशत भूमि संसाधन हैं। यह स्थिति न केवल संसाधनों पर असहनीय दबाव उत्पन्न कर रही है, बल्कि बेरोजगारी, अशिक्षा, कुपोषण, पर्यावरणीय संकट और सामाजिक विषमता जैसी विकराल समस्याओं को भी जन्म दे रही है।
ज्ञापन में बताया गया कि भारत में प्रतिदिन लगभग 90,000 बच्चों का जन्म होता है, जिससे वार्षिक जनसंख्या में लगभग 3 करोड़ की वृद्धि हो रही है। इसके मुकाबले सरकार पाँच वर्षों में अधिकतम दो करोड़ रोजगार ही सृजित कर पाती है। इस असमानता के चलते हर पाँच वर्ष में लगभग 10 करोड़ नए बेरोजगार देश की सामाजिक और आर्थिक व्यवस्था पर अतिरिक्त भार डालते हैं। ज्ञापन में यह भी कहा गया कि यदि यही स्थिति बनी रही तो 2050 तक भारत की जनसंख्या 170 करोड़ के पार पहुँच सकती है, जो राष्ट्रीय विकास, पर्यावरणीय संतुलन एवं सामाजिक स्थिरता के लिए घातक सिद्ध हो सकता है।
पार्टी द्वारा अपने ज्ञापन में चेतावनी दी है कि यदि समय रहते सरकार ने कोई ठोस नीति नहीं बनाई, तो जनसंख्या विस्फोट देश के भविष्य को अंधकारमय बना देगा। अतः प्रधानमंत्री से यह आग्रह किया गया है कि एक मजबूत और न्यायसंगत जनसंख्या नियंत्रण कानून जल्द बनाया जाए और सख्ती से लागू किया जाए।
