हिंडालको महान की सेफ्टी टीम ने स्कूलों में दिया अग्नि सुरक्षा जागरुकता प्रशिक्षण
Newspost, Corporate Desk, A. Anand. बरगवां,सिंगरौली, मध्य प्रदेश.

दीपावली के आते ही बच्चों में पटाखों के प्रति रुझान बढ़ जाता है। आसमानी रॉकेट, फुलझड़ी किसे पसंद नहीं है। हालांकि, दीवाली लक्ष्मी पूजन व दीपोत्सव का त्योहार है, लेकिन सुरक्षा के मामले में भी विशेष ध्यान देना महत्वपूर्ण है।

दीवाली में हर वर्ष आग लगने से होने वाले हादसे सामने आते हैं। हिंडालको महान की फायर सेफ्टी टीम इस समय बच्चों को विस्फोटक पटाखों व आग से सुरक्षा के लिए अग्नि सुरक्षा जागरुकता अभियान चला रहा है। किसी अप्रिय घटना से बचाव के लिये स्कूल के बच्चों के साथ साथ स्कूल में कार्यरत कर्मचारियों को भी सुरक्षा के जरूरी उपायों व आग लगने पर ध्यान देने वाली सावधानियों से अवगत कराया जा रहा है।
आग के पास न जाएं:
इस जागरुकता कार्यशाला में हिंडालको महान के सेफ्टी विभाग से निर्भय सिंह व फायर सेफ्टी टीम से महादेव ने जरूरी जानकारी देते हुए बताया कि आग से दूर रहें। बच्चों को यह सिखाया जाना चाहिए कि वे आग के पास न जाएं। फूंके गए पटाखों के पास न जाएं। अगर कहीं आग लगी हो तो उससे दूर रहें।
विद्युत उपकरणों के प्रयोग में सतर्क रहें:
दीपावली के समय विद्युत उपकरण जैसे दीपक, मोमबत्ती, रंगीन लाइट आदि का प्रयोग करने से पहले उन्हें सतर्कता से चेक करें और सुनिश्चित करें कि वे सुरक्षित हैं।
पटाखों का सही उपयोग करें:
बच्चों को यह सिखाया जाना चाहिए कि वे केवल सुरक्षित पटाखे ही चलाएं। चलाते समय पानी से भरी बाल्टी जरूर पास में रखें। बच्चों को यह समझाना चाहिए कि ज्यादा धुंए व आवाज़ वाले पटाखों के पास जाना बेहद खतरनाक हो सकता है। इसके अलावा, स्कूल स्टाफ की सुरक्षा के लिए फायर सेफ्टी के उपायों का पालन भी आवश्यक है। स्कूल में अग्निशमन उपकरणों की उपस्थिति को सुनिश्चय करें। अग्निशामक उपकरणों को नियमित रूप से जांचें और सुनिश्चित करें कि वे कार्यरत हैं।

प्रशिक्षण उपरांत आदित्य बिड़ला पब्लिक स्कूल की प्रधानाचार्या अनीता नायर ने सेफ्टी टीम को प्रशिक्षण देने के लिए धन्यवाद दिया। साथ ही बच्चों ने भी सुरक्षा का पालन करने का वचन दिया।
