NMMS पोर्टल में फर्जी हाजिरी का मामला उजागर, जीआरएस को नोटिस, उपयंत्री अभिषेक विश्वकर्मा को किया गया अटैच

Newspost, Regional Desk. Devsar, Singrauli, MP.

मध्य प्रदेश के सिंगरौली जिला पंचायत द्वारा जारी एक आदेश ने मनरेगा योजना में चल रहे फर्जीवाड़े को उजागर कर दिया है। उक्त आदेश के अनुसार देवसर जनपद पंचायत क्षेत्र के ग्राम पंचायत कठदहा में मनरेगा योजना के अंतर्गत चटनिहा नाला में अमृत सरोवर तालाब निर्माण कार्य में गंभीर अनियमितता का खुलासा हुआ है।

यह है पूरा मामला

प्राप्त जानकारी के अनुसार नेशनल मोबाइल मॉनिटरिंग सिस्टम (NMMS) पोर्टल पर श्रमिकों की उपस्थिति दर्ज करने के दौरान एक ही श्रमिक की फोटो को अलग-अलग नामों से बार-बार अपलोड किया गया। शासन की गाइडलाइन के अनुसार प्रत्येक श्रमिक की उपस्थिति उसकी वास्तविक समय (Real Time) की फोटो अपलोड की जानी चाहिए थी। ‌किंतु यहां प्रक्रिया का उल्लंघन पाया गया। जिपं  के आदेश में इसे प्रथम दृष्टया फर्जी हाजिरी दर्ज कर भुगतान प्राप्त करने से जुड़ा माना जा रहा है। 

जिपं द्वारा की गई कार्रवाई

जिपं के आदेश में ग्राम पंचायत कठदहा के ग्राम रोजगार सहायक तुलसी प्रसाद जायसवाल एवं उपयंत्री अभिषेक विश्वकर्मा की भूमिका संदिग्ध पाई गई है। जिपं सीईओ द्वारा उनके विरुद्ध कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने हेतु निर्देशित किया गया। आदेश में स्पष्ट उल्लेख है कि यदि निर्धारित समयावधि में संतोषजनक जवाब प्रस्तुत नहीं किया जाता तो उनके विरुद्ध म.प्र. पंचायत सेवा नियमों के तहत निलंबन, वेतन रोकने अथवा सेवा समाप्ति जैसी कठोर विभागीय कार्रवाई के साथ शासन की राशि के दुरुपयोग की स्थिति में वसूली की कार्रवाई भी की जा सकती है। वहीं उपयंत्री अभिषेक विश्वकर्मा को जिपं कार्यालय में अटैच कर दिया गया है।

रुपये 1.72 लाख का भुगतान जांच के दायरे में

जारी आदेश में उल्लेख है कि 27 जनवरी से 2 फरवरी 2026 की अवधि के मस्टर रोल क्रमांक 30298 से 30309 तक कुल 11 मस्टर रोल में 110 श्रमिकों की उपस्थिति दर्ज की गई है। प्रत्येक मस्टर रोल में 15 हजार 660 रुपये के हिसाब से कुल 1 लाख 72 हजार 260 रुपये का भुगतान दर्शाया गया है। आरोप है कि एनएमएमएस पोर्टल पर अपलोड की गई तस्वीरों और वास्तविक उपस्थिति में अंतर पाया गया है। इस कारण संबंधित भुगतान की प्रक्रिया संदेह के घेरे में आ गई है और वित्तीय अनियमितता की आशंका जताई जा रही है। वहीं पूरे प्रकरण में कार्रवाई जिपं सीईओ के निर्देश पर की गई है। सीईओ, जनपद पंचायत देवसर को जांच अधिकारी नियुक्त करते हुए विस्तृत जांच प्रतिवेदन प्रस्तुत करने को कहा गया है। साथ ही कार्यक्रम अधिकारी, मनरेगा जनपद पंचायत देवसर को निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

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